
CM Sai Helpline Number: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में जल्द ही ‘सीएम हेल्पलाइन नंबर’ की शुरुआत होगी, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के जरिए नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत सीधे शासन तक पहुंचा सकेंगे। अब लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या बाबूओं की मिन्नतें करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस सेवा का मकसद सरकारी काम में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर लगाम कसना है।
चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे कर्मचारी, हर कॉल का होगा हिसाब
सीएम हेल्पलाइन को प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष कॉल सेंटर तैयार किया गया है जहां कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में तैनाती रहेगी। जैसे ही कोई नागरिक अपनी समस्या दर्ज कराएगा, उसे एक यूनिक शिकायत नंबर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़े निर्देश दिए हैं कि हर शिकायत के निराकरण के लिए एक समय-सीमा तय की जाए। यदि किसी विभाग का अधिकारी निर्धारित समय के भीतर समस्या का समाधान नहीं करता है, तो उसे जवाबदेह माना जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जारी होगा टोल-फ्री नंबर, घर बैठे दर्ज होगी शिकायत
सरकार जल्द ही एक विशेष टोल-फ्री नंबर सार्वजनिक करेगी जिस पर कॉल करना पूरी तरह मुफ्त होगा। इस व्यवस्था के आने से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा क्योंकि उन्हें अब रायपुर या जिला मुख्यालय तक आने का आर्थिक बोझ नहीं उठाना होगा। शिकायत दर्ज होते ही वह संबंधित विभाग के पोर्टल पर पहुंच जाएगी और उच्च स्तर के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। इससे फाइलों के लंबे समय तक अटके रहने की परंपरा पर भी रोक लगेगी।
प्रशासनिक व्यवस्था में आएगी मजबूती और पारदर्शिता
सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत से न केवल आम जनता का काम आसान होगा बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। जब शिकायतों की सीधी निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय से होगी, तो विभागों के कामकाज में तेजी आना स्वाभाविक है। अधिकारियों को अब अपनी परफॉर्मेंस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि उन्होंने कितनी शिकायतों का निपटारा किया है। इससे शासन को यह समझने में भी आसानी होगी कि किस जिले या किस विभाग में जनता को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
दफ्तरों की दौड़ से मुक्ति और जवाबदेही तय
इस नई पहल का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि अब जवाबदेही तय होगी। अक्सर देखा जाता है कि शिकायतें मिलने के बाद भी निचले स्तर पर अधिकारी उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। सीएम हेल्पलाइन के डिजिटल ट्रैक रिकॉर्ड के कारण अब ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा। यह सिस्टम सुशासन की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित हो सकता है जिससे नागरिकों का भरोसा सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर और अधिक मजबूत होगा।



