
CG Mission 2028 Cabinet Resuffle News: छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में इन दिनों भीषण गर्मी से भी ज्यादा तपिश सरकार और संगठन के भीतर महसूस की जा रही है। बंगाल चुनाव के बाद अब बीजेपी का पूरा ध्यान छत्तीसगढ़ पर केंद्रित हो गया है। रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 12 और 13 मई को होने वाली बैठकों को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़े ‘ऑपरेशन’ की शुरुआत माना जा रहा है। सियासी जानकारों की मानें तो विष्णुदेव साय सरकार में जल्द ही बड़ी सर्जरी देखने को मिल सकती है। चर्चा तेज है कि दिल्ली दरबार राज्य की कमान और संगठन की संरचना में कुछ ऐसे बदलाव करने जा रहा है, जो अगले चुनाव यानी 2028 की जीत का रास्ता साफ करेंगे।
हाईप्रोफाइल बैठकों का दौर और रणनीतिक मंथन
बीजेपी मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, पवन साय और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जैसे दिग्गज चेहरे शामिल हो रहे हैं। 12 मई की शाम को होने वाली कोर कमेटी की गुप्त बैठक को लेकर सबसे ज्यादा सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि पार्टी इसे एक रूटीन मीटिंग बता रही है, लेकिन अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इसमें मंत्रियों के परफॉर्मेंस कार्ड और संगठन में नए चेहरों की एंट्री पर मुहर लग सकती है। इस बार बीजेपी की नजर केवल समीक्षा पर नहीं, बल्कि एक ऐसे रोडमैप पर है जो विपक्षी खेमे में खलबली मचा दे।
क्या बदलेंगे डिप्टी सीएम? महिला चेहरे को मिल सकती है कमान
सबसे चौंकाने वाली चर्चा प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों, विजय शर्मा और अरुण साव को लेकर है। राजनीतिक हलकों में यह बात तेजी से फैल रही है कि इनमें से किसी एक चेहरे को दिल्ली बुलाया जा सकता है और राष्ट्रीय संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो छत्तीसगढ़ को पहली बार ‘महिला डिप्टी सीएम’ मिल सकती है। इस रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह और लता उसेंडी का नाम सबसे आगे है। पार्टी इस कदम के जरिए आधी आबादी और आदिवासी वोट बैंक को एक साथ साधने की तैयारी में है।
कैबिनेट में परफॉर्मेंस के आधार पर होगी छंटनी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कुर्सी को लेकर फिलहाल कोई संशय नहीं है, लेकिन उनके कैबिनेट सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, खराब रिपोर्ट कार्ड वाले 2 से 4 मंत्रियों की छुट्टी लगभग तय है। बीजेपी आलाकमान अब ऐसे चेहरों को मौका देना चाहता है जो न केवल अपने विभाग में सक्रिय हों, बल्कि सदन से लेकर सड़क तक आक्रामक रुख अपना सकें। जिन मंत्रियों पर पद छोड़ने की गाज गिर सकती है, उनकी धड़कनें इस दो दिवसीय बैठक के पहले ही तेज हो चुकी हैं।
इन नए चेहरों की लग सकती है लॉटरी
मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की स्थिति में कुछ नए नाम चर्चा के केंद्र में हैं। युवा और महिला कोटे से भावना बोहरा का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। वहीं, राजधानी रायपुर के सियासी और सामाजिक समीकरणों को फिट बैठने के लिए पुरंदर मिश्रा को मौका मिल सकता है। संगठन में गहरी पैठ रखने वाले आक्रामक युवा नेता सुशांत शुक्ला का नाम भी तेजी से उभरा है। इसके अलावा, सरगुजा संभाग से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए किसी आदिवासी महिला विधायक को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
क्षेत्रीय संतुलन और जातिगत समीकरणों पर जोर
बीजेपी का यह संभावित बदलाव पूरी तरह से ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर आधारित होगा। पार्टी चाहती है कि 2028 के चुनाव से पहले हर समाज और हर क्षेत्र को सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल जाए। बस्तर से लेकर सरगुजा तक और मैदानी इलाकों के ओबीसी समीकरणों को ध्यान में रखकर ही नए मंत्रियों का चयन होगा। फिलहाल सभी की निगाहें दिल्ली से आने वाले संदेश पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि छत्तीसगढ़ की सत्ता और संगठन का नया स्वरूप कैसा होगा।
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