
Sushasan Tihar 2026: छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज को पारदर्शी बनाने और आम लोगों की शिकायतों के मौके पर ही निपटारे के लिए ‘सुशासन तिहार’ अभियान का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज से अपने इस विशेष प्रदेशव्यापी दौरे की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी हकीकत जानना है। मुख्यमंत्री साय खुद फील्ड में उतरकर ग्रामीणों और शहरवासियों से रूबरू होंगे और जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेंगे।
पुलिस लाइन हेलीपैड से रवाना हुए सीएम साय, आला अधिकारी भी साथ
मुख्यमंत्री साय रविवार सुबह रायपुर स्थित पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचे और हेलीकॉप्टर के जरिए अपने दौरे के पहले पड़ाव के लिए रवाना हुए। उनके इस दौरे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके साथ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और विशेष सचिव रजत कुमार बंसल भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री इस दौरान विभिन्न जिलों का औचक दौरा करेंगे और जन समस्या निवारण शिविरों में पहुंचकर आवेदकों से सीधे संवाद करेंगे ताकि शासन और प्रशासन के बीच की दूरी को कम किया जा सके।

10 जून तक चलेगा अभियान: वार्ड और पंचायतों में लगेंगे शिविर
प्रदेश में 1 मई से शुरू हुआ यह सुशासन तिहार 10 जून 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों का एक क्लस्टर बनाया गया है, वहीं शहरों में वार्ड स्तर पर समूह बनाकर जन समस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि स्थानीय लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय या राजधानी के चक्कर न काटने पड़ें। प्रशासन की कोशिश है कि राशन कार्ड, पेंशन और राजस्व से जुड़े मामलों का समाधान गांव के नजदीक ही हो जाए।
एक महीने में आवेदनों का निपटारा और मौके पर लाभ
सरकार ने सुशासन तिहार के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। शिविरों में जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उनका अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया जाए। इससे न केवल जनता का भरोसा सरकार पर बढ़ेगा, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
जन-जागरूकता और सुशासन का नया मॉडल
यह अभियान केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी फैलाई जा रही है। शिविरों में तैनात अधिकारी लोगों को यह बताएंगे कि वे किन योजनाओं के लिए पात्र हैं और उनका लाभ कैसे लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 10 जून तक चलने वाले इस ‘तिहार’ से प्रदेश की विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।



