
Sachin Tendulkar Family Visit: क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुदूर वनांचल ग्राम बम्हनी पहुंचीं। इस खास मौके पर स्थानीय आदिवासियों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति के साथ उनका भव्य स्वागत किया। तेंदुलकर परिवार को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी निरीक्षण
तेंदुलकर परिवार के इस दौरे का मुख्य केंद्र समाज सेवा और जमीनी हकीकत को समझना था। इस दौरान अंजलि और सारा तेंदुलकर ने गनियारी जन स्वास्थ्य समिति के माध्यम से चलाई जा रही सुविधाओं को देखा। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि घने जंगलों के बीच रहने वाले परिवारों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों को प्राथमिक शिक्षा किस तरह मिल रही है।
बालवाड़ी में बच्चों के साथ बिताया समय
गांव के निरीक्षण के दौरान डॉ. अंजलि और सारा ने फुलवारी केंद्र और बालवाड़ी का दौरा किया। वहां उन्होंने छोटे बच्चों के साथ बातचीत की और उनके पोषण व खान-पान के बारे में विस्तार से पूछा। सारा तेंदुलकर ने बच्चों की पढ़ाई के स्तर और उनके रहन-सहन की स्थिति को समझने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं से काफी देर तक चर्चा की।

गनियारी स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली का जायजा
बम्हनी गांव के साथ ही तेंदुलकर परिवार ने बिलासपुर के गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र का भी रुख किया। चूंकि डॉ. अंजलि खुद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हैं, इसलिए उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दी जा रही मुफ्त सेवाओं और इलाज की तकनीक को बहुत बारीकी से समझा। उन्होंने समिति के सदस्यों के निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की।
दौरे को रखा गया पूरी तरह गोपनीय
तेंदुलकर परिवार की यह यात्रा बेहद निजी और गोपनीय रखी गई थी। गांव पहुंचने तक स्थानीय लोगों को भी इसकी भनक नहीं थी। जैसे ही अंजलि और सारा के वहां होने की खबर फैली, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सादगी और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए उन्होंने अपना काम जारी रखा और लोगों से बहुत ही आत्मीयता के साथ मुलाकात की।

शाम को मुंबई के लिए होगी रवानगी
दिन भर आदिवासी क्षेत्र की समस्याओं और वहां चल रहे सुधार कार्यों का जायजा लेने के बाद तेंदुलकर परिवार वापस लौट गया। जानकारी के अनुसार, अंजलि और सारा तेंदुलकर आज शाम ही बिलासपुर से मुंबई के लिए रवाना हो जाएंगे। इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण दौरे ने वनांचल क्षेत्रों में काम कर रही संस्थाओं और वहां की जरूरतों की ओर एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है।



