
एलन मस्क की स्पेस-टेक कंपनी Starlink को आखिरकार भारत सरकार से हरी झंडी मिल गई है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने Starlink को सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस दे दिया है। इस फैसले के बाद अब भारत के सबसे दुर्गम इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है।
तीसरी कंपनी बनी Starlink, जो देगी सैटेलाइट इंटरनेट
Starlink अब भारत की तीसरी कंपनी बन गई है जिसे सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने की मंज़ूरी मिली है। इससे पहले OneWeb और Reliance Jio को यह लाइसेंस मिल चुका है। अब Starlink भी इस रेस में शामिल हो गई है, और मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।
क्या है Starlink और कैसे करता है काम?
Starlink एक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) आधारित सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जिसमें धरती से 500 से 550 किलोमीटर ऊपर कई छोटे सैटेलाइट्स तैनात होते हैं। ये सैटेलाइट्स धरती पर इंटरनेट सिग्नल भेजते हैं, जिससे यूज़र को बिना टावर या ब्रॉडबैंड लाइन के भी तेज इंटरनेट मिल पाता है।

Starlink ने भारत में 2021 में प्री-बुकिंग शुरू की थी, लेकिन लाइसेंस न मिलने की वजह से इसे रोक दिया गया था। अब, मंजूरी मिलने के बाद, उम्मीद है कि Starlink जल्द ही अपने सर्विस लॉन्च की तारीख का ऐलान करेगा।
किनसे होगा मुकाबला?
भारत में Starlink का सीधा मुकाबला Jio और Airtel की सैटेलाइट शाखा OneWeb से होगा। दिलचस्प बात यह है कि Starlink ने हाल ही में इन दोनों कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की बात भी कही है, जो कि किट और हार्डवेयर डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी है।

Starlink इंटरनेट से आपको क्या फायदा?
- दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी: जहां टावर लगाना मुश्किल है, जैसे कि पहाड़ी, आदिवासी या घने जंगलों वाले क्षेत्र, वहां Starlink इंटरनेट का गेम चेंजर साबित हो सकता है।
- तेज स्पीड और भरोसेमंद कनेक्शन: वीडियो कॉलिंग, ऑनलाइन क्लास और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे काम अब कहीं से भी किए जा सकेंगे, वो भी बिना रुकावट के।
- आपदा के समय भी रहेगा एक्टिव: बाढ़, तूफान, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क फेल हो जाते हैं, तब भी सैटेलाइट इंटरनेट चालू रहता है।
- बिना टावर और फाइबर के काम: इंटरनेट सीधे सैटेलाइट से आता है, यानी महंगे टावर लगाने या जमीन खोदकर फाइबर लाइन बिछाने की झंझट नहीं।
- सेना और वैज्ञानिक मिशन को मदद: सीमावर्ती इलाकों, समुद्र में तैनात जहाज़ों, रिसर्च मिशन या स्पेस एजेंसियों को लगातार इंटरनेट एक्सेस मिलेगा।

Starlink की भारत में एंट्री उन करोड़ों लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है जो अब तक नेटवर्क की पहुंच से दूर थे। अब गांव हो या जंगल, पहाड़ हो या सीमांत क्षेत्र — इंटरनेट हर जगह पहुंचेगा, वो भी एलन मस्क के स्पेस से आए नेटवर्क के जरिए। अब देखना ये होगा कि Starlink भारत में कितनी तेजी से अपने पांव जमाता है और कितना सस्ता या महंगा प्लान लेकर आता है।



