‘हर 5 साल में बदलता है बीवी’: बिना तलाक चौथी शादी की तैयारी, पीड़ित पत्नी पहुंची महिला आयोग

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने अपने पति पर बेहद गंभीर और अजीबोगरीब आरोप लगाया है कि उसके पति को हर पांच साल में पत्नी बदलने की ‘आदत’ है। महिला का दावा है कि तीन शादियां करने के बाद अब उसका पति चौथी बार दूल्हा बनने की तैयारी में है, जबकि अभी तक उनका कानूनी रूप से तलाक भी नहीं हुआ है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित महिला छत्तीसगढ़ महिला आयोग की जनसुनवाई में पहुंची, जहां इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए गए हैं।

पांच साल का ‘पैटर्न’ और चौथी शादी का खौफ

पीड़िता श्वेता (बदला हुआ नाम) ने महिला आयोग के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए पति के व्यवहार का एक तय ढर्रा (पैटर्न) बताया। श्वेता के मुताबिक, उसका पति कुछ सालों तक पत्नी के साथ ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही शादी को पांच साल बीतते हैं, वह दूरी बनाना शुरू कर देता है और नई महिला की तलाश में जुट जाता है। श्वेता ने अपनी शिकायत में पति के चरित्र पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:

  • लगातार शादियां: पति पहले ही तीन शादियां कर चुका है और हर बार पांच साल के भीतर रिश्ता तोड़ देता है।
  • चौथी की तैयारी: वर्तमान पत्नी को छोड़े बिना ही वह अब चौथी महिला से विवाह करने की योजना बना रहा है।
  • धोखाधड़ी: पुरानी पत्नियों के रहते हुए नई शादी करना और परिवार को अंधेरे में रखना।
  • मानसिक प्रताड़ना: बार-बार घर छोड़ने और दूसरी महिलाओं से संबंध बनाने के कारण पत्नी गहरे तनाव में है।

कानून को ठेंगा: बिना तलाक फिर से बस रहा घर

इस मामले का सबसे पेचीदा पहलू कानूनी उल्लंघन है। श्वेता ने आयोग को बताया कि उसका और उसके पति का मामला अभी अदालत में लंबित है। कानूनी रूप से न तो अभी उनका विवाह विच्छेद (Divorce) हुआ है और न ही कोर्ट की ओर से कोई डिक्री पारित की गई है। इसके बावजूद पति खुलेआम चौथी शादी की तैयारियां कर रहा है। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना दंडनीय अपराध है, लेकिन आरोपी पति इन नियमों को ताक पर रखकर नई गृहस्थी बसाने की फिराक में है।

‘आशिक मिजाज’ स्वभाव और कानूनी बेखौफ

जनसुनवाई के दौरान श्वेता काफी भावुक हो गई और उसने आरोप लगाया कि उसके पति का स्वभाव पूरी तरह ‘आशिक मिजाज’ हो चुका है। उसे इस बात का जरा भी डर नहीं है कि उसके खिलाफ पहले से ही अदालतों में कई मुकदमे चल रहे हैं। श्वेता ने पति की बेखौफी पर निम्नलिखित बातें कहीं:

  • अदालती मामलों की अनदेखी: पति पर भरण-पोषण और घरेलू हिंसा के मामले चल रहे हैं, फिर भी वह बेपरवाह है।
  • सामाजिक लोकलाज का अभाव: समाज में बदनामी के डर के बिना वह बार-बार रिश्ते बदल रहा है।
  • निडर रवैया: आरोपी को लगता है कि वह बार-बार शादी करके कानून की गिरफ्त से बच निकलेगा।

महिला आयोग सख्त: जांच और कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने इस शिकायत को बेहद संजीदगी से लिया है। आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों ने साफ कर दिया है कि बिना तलाक के दूसरी शादी करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। आयोग ने इस मामले में निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:

  • तत्काल जांच: संबंधित पुलिस अधिकारियों को पति के पिछले विवाहों और वर्तमान गतिविधियों की जांच करने को कहा गया है।
  • शादी पर रोक: यदि पति अवैध रूप से चौथी शादी करने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
  • कानूनी सहायता: पीड़िता को उचित कानूनी मदद और सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
  • दस्तावेजों का सत्यापन: पति के पिछले विवाहों और उनके विच्छेद से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।

समाज के लिए चेतावनी: रिश्तों में बढ़ती अस्थिरता

कोरबा का यह मामला समाज में रिश्तों के प्रति घटती गंभीरता को भी दर्शाता है। अक्सर लोग कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर पत्नियों को छोड़ देते हैं और नई शादियां कर लेते हैं। श्वेता का कहना है कि अगर समय रहते उसके पति पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वह एक और महिला की जिंदगी बर्बाद कर देगा। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोग चर्चा कर रहे हैं कि कैसे कोई व्यक्ति सरेआम कानून का उल्लंघन कर सकता है।

न्याय की उम्मीद में भटकती पत्नी

फिलहाल, श्वेता को उम्मीद है कि महिला आयोग के दखल के बाद उसके पति की मनमानी पर रोक लगेगी। आयोग ने साफ किया है कि किसी भी महिला का जीवन इस तरह के खिलवाड़ के लिए नहीं है। मामले की अगली सुनवाई में पति को भी तलब किया जा सकता है ताकि उसका पक्ष सुना जा सके। तब तक पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी गैर-कानूनी विवाह को अंजाम न दिया जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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