
CG Sai Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रशासनिक फेरबदल और विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 26 मई 2026 को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। प्रदेश में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ के बीच बुलाई गई इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंत्रालय में होने वाली इस बैठक में सरकार राज्य के कर्मचारियों के हित, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर अपनी हरी झंडी दे सकती है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास के कारण बदला गया समय, अब शाम 6 बजे जुटेगा साय मंत्रिमंडल
पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार यह कैबिनेट बैठक मंगलवार की सुबह 11:30 बजे आयोजित होने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसके समय में बदलाव करना पड़ा। समय में किए गए इस संशोधन के पीछे की मुख्य वजहें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली में महत्वपूर्ण मुलाकात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों नई दिल्ली के आधिकारिक प्रवास पर हैं, जहां उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।
- अंतर-राज्यीय समन्वय पर चर्चा: दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
- दोपहर में होगी रायपुर वापसी: मुख्यमंत्री मंगलवार की दोपहर तक राष्ट्रीय राजधानी से रायपुर लौटेंगे, जिसके कारण बैठक का समय आगे बढ़ाकर शाम 6 बजे तय किया गया है।
मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी ट्रांसफर से प्रतिबंध हटाने की तैयारी तेज
इस कैबिनेट बैठक के अनौपचारिक एजेंडे में जो सबसे बड़ा मुद्दा तैर रहा है, वह है राज्य के भीतर शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाना। इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर चल रही तैयारियों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पड़ोसी राज्य का फैसला: बीते 22 मई को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने राज्य में तबादलों पर लगा बैन हटाने की नई नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत 1 से 15 जून तक ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
- कर्मचारियों को उम्मीद: मध्य प्रदेश में प्रतिबंध हटने के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारी संगठनों की मांग भी तेज हो गई है, जिससे साय सरकार पर इस बैन को हटाने का दबाव बढ़ा है।
- नई ट्रांसफर पॉलिसी: माना जा रहा है कि कैबिनेट की इस बैठक में मंत्रियों के सुझावों के आधार पर सीमित समय के लिए जिले और राज्य स्तर पर तबादला खिड़की खोलने पर सहमति बन सकती है।
सुशासन तिहार के बीच जनहित और विकास कार्यों के अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, हालांकि सरकार की तरफ से इस बैठक का कोई आधिकारिक और विस्तृत एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सुशासन तिहार के चलते लोक कल्याण से जुड़े कई मामलों पर फैसले होना तय माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन विभागों के प्रस्तावों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी:
- शहरी और ग्रामीण विकास: गांवों में बुनियादी सुविधाओं और शहरों में अधोसंरचना विकास के रुके हुए प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन को मंजूरी मिल सकती है।
- सार्वजनिक सुविधाएं: स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए पदों के सृजन और दूरस्थ अंचलों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाले प्रस्तावों पर विचार हो सकता है।
- भ्रष्टाचार पर लगाम: सुशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए विभागों में ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़े नियमों को कड़ा करने पर मुहर लग सकती है।
आगामी मानसून सत्र और चुनावी वादों की समीक्षा पर भी रहेगी सरकार की नजर
इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल तात्कालिक प्रशासनिक निर्णय ही नहीं लिए जाएंगे, बल्कि आने वाले दिनों की बड़ी राजनीतिक कार्ययोजनाओं पर भी मंत्रियों के साथ रोडमैप तैयार किया जाएगा। बैठक के अंतिम चरण में इन रणनीतिक मुद्दों पर मंत्रियों की राय ली जा सकती है:
- विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी: जून-जुलाई में होने वाले विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर विभागों द्वारा लाए जाने वाले विधेयकों के प्रारूप पर प्रारंभिक चर्चा पूरी की जाएगी।
- घोषणा पत्र के वादों की समीक्षा: भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल जो वादे अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए वित्तीय रोडमैप की समीक्षा की जाएगी।
- विपक्ष की घेराबंदी का जवाब: राज्य में कानून व्यवस्था और खाद-बीज की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर विपक्ष के संभावित हमलों से निपटने के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।



