
CG Female Property Registry Discount: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने वालों को रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत की भारी रियायत दी जाएगी। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब बस औपचारिक अधिसूचना (Notification) जारी होने का इंतजार है। इस फैसले से रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है क्योंकि रजिस्ट्री पर लगने वाला कुल टैक्स अब 10 प्रतिशत से घटकर लगभग 7.48 प्रतिशत पर आ जाएगा। हालांकि, इस लाभ को उठाने के लिए खरीदारों को अभी कुछ दिनों का इंतजार और करना होगा।
पंजीयन शुल्क 4 से घटकर हुआ 2 प्रतिशत, सॉफ्टवेयर अपडेट का इंतजार
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, स्टाम्प ड्यूटी की दर 5.48 प्रतिशत पर स्थिर रखी गई है। पुरुषों के मामले में स्टाम्प ड्यूटी 6.6 प्रतिशत लागू रहेगी, जिससे महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी खरीदना काफी किफायती हो जाएगा। महानिरीक्षक पंजीयन विभाग के मुताबिक, वर्तमान में एनजीडीआरएस (NGDRS) सॉफ्टवेयर में नई दरों को अपडेट करने का काम चल रहा है। तकनीकी अपग्रेडेशन और सरकारी आदेश के जमीन पर उतरने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।
20 लाख की प्रॉपर्टी पर सीधे 60 हजार रुपये का फायदा
इस छूट के गणित को एक उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर आप 20 लाख रुपये की कोई संपत्ति अपनी पत्नी, मां या बहन के नाम पर खरीदते हैं, तो नई दरों के लागू होने के बाद आपको करीब 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी। इसी तरह, 1 करोड़ रुपये की बड़ी डील पर 3 लाख रुपये तक का टैक्स बचेगा। यही वजह है कि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में बड़ी संख्या में खरीदारों ने फिलहाल अपनी रजिस्ट्री रोक दी है। वे इस आदेश के आधिकारिक तौर पर प्रभावी होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि कम खर्च में सौदा पक्का किया जा सके।
राजस्व पर 153 करोड़ का बोझ, महिला सशक्तिकरण की ओर कदम
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रजिस्ट्री फीस कम करने से सरकारी खजाने पर करीब 153 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि, सरकार इसे आर्थिक नुकसान के बजाय एक सामाजिक निवेश के रूप में देख रही है। जानकारों का मानना है कि इस पहल से न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं के नाम पर संपत्ति की भागीदारी बढ़ेगी। जब संपत्ति महिला के नाम पर होती है, तो परिवार में उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और निर्णय लेने की क्षमता में भी इजाफा होता है।
रियल एस्टेट बाजार में आएगी तेजी, निवेशकों में उत्साह
पिछले कुछ समय से सुस्ती झेल रहे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह फैसला संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। डेवलपर्स और बिल्डरों का मानना है कि रजिस्ट्री फीस में इस कटौती से अटके हुए सौदे जल्दी पूरे होंगे और नया निवेश भी बढ़ेगा। प्रॉपर्टी बाजार के जानकारों के अनुसार, लोग अब अपनी अगली खरीदारी के लिए महिलाओं को प्राथमिकता देंगे। इससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की संभावना है।
अधिसूचना के बाद ही मान्य होगी छूट, सावधान रहें खरीदार
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती और सॉफ्टवेयर में दरें बदल नहीं जातीं, तब तक पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी। खरीदारों को सलाह दी गई है कि वे जल्दबाजी में पुरानी दरों पर रजिस्ट्री न कराएं, क्योंकि एक बार चालान कटने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतर की राशि वापस मिलना मुश्किल होता है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह तक सभी तकनीकी बाधाएं दूर हो जाएंगी और प्रदेश भर के पंजीयन कार्यालयों में नई रियायती दरों पर काम शुरू हो जाएगा।



