
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। योजना की 26वीं किस्त जारी होने से पहले प्रशासन ने सभी पात्र महिलाओं के लिए e-KYC (ई-केवाईसी) कराना अनिवार्य कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 4 लाख ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने अब तक अपना सत्यापन पूरा नहीं कराया है। यदि तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो इन महिलाओं के बैंक खाते में आने वाली 1000 रुपये की मासिक सहायता राशि रोकी जा सकती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही योजना का लाभ पहुंचाना है।
30 जून है आखिरी तारीख: समय रहते पूरा करें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के पाने के लिए सरकार ने 30 जून 2026 की समय सीमा तय की है। e-KYC की यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है जो जून के अंत तक चलेगी। लाभार्थियों को अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र या निर्धारित सरकारी केंद्रों पर जाकर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन महिलाओं का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं होगा उन्हें अगली किस्तों से वंचित रहना पड़ सकता है। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द सत्यापन कराना समझदारी होगी।
फर्जीवाड़े पर लगाम: अपात्र लोगों को बाहर करने के लिए उठाया गया कदम
e-KYC अनिवार्य करने के पीछे सरकार की मंशा सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। अक्सर ऐसी शिकायतें आती हैं कि अपात्र लोग या गलत जानकारी देकर कुछ लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इस डिजिटल सत्यापन से फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जा सकेगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की 69 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं। बायोमेट्रिक पहचान सुनिश्चित होने के बाद सरकार के पास सटीक डेटा होगा जिससे बजट का सही उपयोग सीधे जरूरतमंद महिलाओं के लिए किया जा सकेगा।
अप्रैल के पहले हफ्ते में आएगी किस्त: केवल सत्यापित खातों में जाएगा पैसा
राज्य सरकार अप्रैल के पहले सप्ताह में ही महतारी वंदन योजना की 26वीं किस्त जारी करने की तैयारी में है। जिन महिलाओं ने अपना e-KYC सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है उनके खातों में 1000 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे भेज दी जाएगी। हालांकि जिनका सत्यापन लंबित है उन्हें पोर्टल पर ‘पेंडिंग’ स्टेटस दिखाई देगा और उनकी राशि तब तक होल्ड पर रहेगी जब तक वे अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेतीं। किस्त रुकने की स्थिति में लाभार्थियों को दोबारा सत्यापन के लिए भटकना पड़ सकता है।
नजदीकी केंद्र पर उपलब्ध है सुविधा: आधार कार्ड साथ ले जाना न भूलें
सत्यापन की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे पूरा करने के लिए महिलाओं को अपने साथ आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर नजदीकी चॉइस सेंटर या आंगनबाड़ी केंद्र जाना होगा। वहां मौजूद ऑपरेटर फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक मिलान करेंगे। एक बार मशीन पर अंगूठा लगाने और डेटा मैच होने के बाद पोर्टल पर स्टेटस अपने आप अपडेट हो जाएगा। सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर महिलाओं की सहायता करें ताकि किसी को भी लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
69 लाख महिलाओं को मिलता है लाभ: आर्थिक मजबूती के लिए शुरू हुई थी योजना
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत विवाहित महिलाओं को साल भर में कुल 12,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इस छोटी सी मासिक राशि से ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाएं अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनी हैं। किस्त जारी रहने से न केवल उनके पास नगदी की उपलब्धता बनी रहती है बल्कि स्थानीय स्तर पर बाजार में भी रौनक रहती है। प्रशासन ने अपील की है कि इस कल्याणकारी योजना का लाभ निरंतर पाने के लिए तकनीकी औपचारिकताएं समय पर पूरी करें।



