Kurud Shitla Mandir Theft: धमतरी जिले के शीतला मंदिरों में चोरी का मामला: कुरुद और भखारा के जुड़े तार, पुराने बदमाशों की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस

Kurud Shitla Mandir Theft: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद और भखारा इलाके में स्थित शीतला माता मंदिरों में हुई सिलसिलेवार चोरियों ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। इन वारदातों के तौर-तरीकों को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे किसी स्थानीय चोर का नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित गिरोह का हाथ है। चोरों ने जिस तरह से सुनियोजित तरीके से आस्था केंद्रों को निशाना बनाया है, उसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी पुलिस अधीक्षक ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में चोरों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और घटना के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने के लिए एक सख्त कार्ययोजना तैयार की गई है।

अंतर-जिला गिरोहों पर घूमी जांच की सुई, जेल से छूटे अपराधियों का हो रहा गुप्त सत्यापन

पुलिस अब इन चोरियों को एक सामान्य घटना मानकर नहीं चल रही है। जांच अधिकारियों का ध्यान अब उन अंतर-जिला गिरोहों की तरफ गया है जो दूसरे जिलों की सीमाओं से आकर धार्मिक स्थलों में रेकी करते हैं और चोरी की वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते हैं। इस गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने एक दोतरफा चक्रव्यूह तैयार किया है। इसके तहत पिछले कुछ वर्षों में मंदिर चोरियों और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल रहे उन अपराधियों की एक नई सूची बनाई गई है जो हाल ही में जेल से छूटे हैं। संदेह के घेरे में आए कई निगरानी बदमाशों के ठिकानों पर पुलिस की टीमें अचानक पहुंचकर उनका भौतिक सत्यापन कर रही हैं। इसके साथ ही पुराने शातिर अपराधियों के फिंगरप्रिंट का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से कराया जा रहा है।

मोबाइल टावरों का डंप डेटा खंगाल रही साइबर सेल, संदिग्ध नंबरों की हो रही छंटनी

इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए परंपरागत पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी विंग को भी मोर्चे पर लगाया गया है। साइबर सेल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के तकनीकी विशेषज्ञ कुरुद और भखारा क्षेत्र में वारदात के समय एक्टिव रहे मोबाइल टावरों का ‘डंप डेटा’ निकाल चुके हैं। एक्सपर्ट्स की टीम उस समय सीमा के भीतर सक्रिय रहे उन मोबाइल नंबरों को फिल्टर कर रही है जो उस इलाके के लिए बिल्कुल नए थे या जिनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसके साथ ही हाल ही में जेल से बाहर आए अपराधियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे वर्तमान में किन नए लोगों के संपर्क में हैं।

जिलों की सीमाओं पर मुखबिर तंत्र एक्टिव, आधी रात की हलचल पर रखी जा रही सीधी नजर

चोरों की धरपकड़ के लिए धमतरी जिले की सरहदों और कुरुद-भखारा से लगने वाले दूसरे जिलों के सीमावर्ती रास्तों पर मुखबिरों का एक नया और बेहद गोपनीय नेटवर्क सक्रिय किया गया है। ये मुखबिर आधी रात के बाद सड़कों और ग्रामीण रास्तों पर होने वाली हर एक संदिग्ध गतिविधि की पल-पल की रिपोर्ट सीधे पुलिस कप्तानों को दे रहे हैं। पुलिस को शक है कि चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य रास्तों के बजाय ग्रामीण अंचलों के संपर्क मार्गों का इस्तेमाल कर भाग निकलते हैं। यही वजह है कि इस बार पुलिस ने देहात के रास्तों पर अपनी गुप्त निगरानी बढ़ा दी है।

मंदिरों के ब्लाइंड स्पॉट्स पर लगेंगे हाई-डेफिनिशन कैमरे, सुरक्षा की कमियां होंगी दूर

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने यह भी माना कि कई प्रमुख मंदिरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा और उनकी कवरेज क्षमता में तकनीकी कमियां थीं। चोरों ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया। इस खामी को दूर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील धार्मिक स्थलों के ‘ब्लाइंड स्पॉट्स’ (जहां कैमरे काम नहीं करते) को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। इन जगहों पर अब नए हाई-डेफिनिशन (एचडी) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मंदिर परिसर का कोना-कोना निगरानी में रहे।

कोटवारों और पुजारियों के साथ बनेगा साइलेंट नेटवर्क, अजनबियों की जानकारी सीधे पहुंचेगी थाने

थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल मुख्य सड़कों पर रात की गश्त करके औपचारिकता पूरी न करें। इसके बजाय वे ग्रामीण क्षेत्रों के कोटवारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय मंदिरों के पुजारियों के साथ एक मजबूत ‘साइलेंट नेटवर्क’ स्थापित करें। इस नेटवर्क का उद्देश्य यह होगा कि गांव में आने वाले किसी भी नए या संदिग्ध अजनबी व्यक्ति की भनक लगते ही उसकी सूचना सीधे संबंधित थाने तक पहुंच जाए। धमतरी पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी को देखकर माना जा रहा है कि मंदिर में चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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