Kawardha Baiga Child Trafficking Rescue: महज 5 हजार में बेचे जा रहे थे बैगा बच्चे, अपनों ने ही किया सौदा तो पुलिस ने 6 मासूमों को कराया आजाद

Kawardha Baiga Child Trafficking Rescue: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज के मासूम बच्चों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा हुआ है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस घिनौने धंधे में बच्चों के अपने ही माता-पिता शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने चंद रुपयों के लालच में अपने जिगर के टुकड़ों का सौदा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

महज 5 से 6 हजार रुपये में हुआ मासूमों का सौदा

जांच में यह बेहद विचलित करने वाली जानकारी मिली है कि इन बच्चों को मात्र 5 से 6 हजार रुपये की मामूली कीमत पर बेचा गया था। गरीबी और लाचारी का फायदा उठाकर कुछ दलाल सक्रिय हुए और उन्होंने परिजनों को चंद रुपयों का लालच देकर बच्चों को उनसे दूर कर दिया। इन मासूमों को गांव से बाहर ले जाकर कठिन परिस्थितियों में बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस मानव तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं।

पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन और 6 बच्चों की बरामदगी

कवर्धा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बैगा आदिवासियों के कुछ नाबालिग बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए बाहर भेजा गया है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 6 नाबालिग बच्चों को बरामद किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों की हालत देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई। फिलहाल इन बच्चों को चाइल्ड लाइन की देखरेख में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

चेतन और रवि यादव पर तस्करी का आरोप

पुलिस को मिले लिखित आवेदन में चेतन यादव और रवि यादव नामक दो व्यक्तियों को इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया गया है। आरोप है कि इन दोनों ने ही परिजनों से संपर्क कर बच्चों की डील की और उन्हें काम के बहाने कहीं और भेज दिया। परिजनों को इसके बदले जो नकद राशि दी गई, वह बच्चों के भविष्य की तुलना में कुछ भी नहीं थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

एसपी के सख्त निर्देश: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

कवर्धा एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जिले में मानव तस्करी और बाल श्रम जैसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने जिले के अन्य गांवों में भी ऐसे ही सौदे किए हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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