
PM Modi Address to Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम अपना संबोधन देंगे। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब मोदी सरकार को अपने 12 साल के कार्यकाल में पहली बार संसद के भीतर किसी बड़े विधायी मोर्चे पर असफलता का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की अगली रणनीति देश के सामने रखेंगे। पीएमओ की ओर से समय की पुष्टि होने के बाद देश भर की निगाहें एक बार फिर टीवी स्क्रीनों पर टिक गई हैं।
सदन में क्यों और कैसे गिरा संविधान संशोधन बिल?
शुक्रवार को लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन बिल पेश किया गया था जिसे पास कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं जुट पाया। इस बिल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 करना और महिला आरक्षण को 2029 के चुनावों से पहले ही लागू करना था। हालांकि वोटिंग के दौरान सदन का गणित सरकार के पक्ष में नहीं रहा। संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी लेकिन सरकार को केवल 298 वोट ही मिले। विपक्ष के 230 वोटों के कारण यह बिल 54 वोटों के अंतर से गिर गया।
‘नारी शक्ति’ और विपक्ष के रुख पर हो सकता है प्रहार
जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल के गिरने को ‘नारी शक्ति’ के अपमान से जोड़ सकते हैं। वे जनता को यह समझाने की कोशिश करेंगे कि सरकार महिलाओं को उनका हक देना चाहती थी लेकिन विपक्षी दलों के अड़ंगे की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री इस मुद्दे को भावनात्मक मोड़ देते हुए आगामी चुनावों के लिए एक नया नैरेटिव सेट कर सकते हैं।
परिसीमन और जनगणना पर सरकार का अगला कदम
सदन में हार के बाद अब सरकार के पास सीमित विकल्प बचे हैं। प्रधानमंत्री आज यह स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या सरकार 2027 में होने वाली नई जनगणना का इंतजार करेगी या फिर इस बिल को किसी अन्य स्वरूप में दोबारा पेश करने की तैयारी है। सीटों की संख्या बढ़ाने यानी परिसीमन को लेकर देश के दक्षिण राज्यों में कुछ चिंताएं हैं जिन पर पीएम अपनी बात रख सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक संकट पर भी चर्चा संभव
आज प्रधानमंत्री ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अहम बैठक भी की है। माना जा रहा है कि संबोधन के दौरान वे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले असर के बारे में भी देश को अपडेट दे सकते हैं। तेल की कीमतों और वैश्विक अस्थिरता के बीच देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर पीएम कोई भरोसा दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री के अब तक के कुछ बड़े और ऐतिहासिक संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी जब भी रात के समय राष्ट्र को संबोधित करते हैं तो अक्सर कोई बड़ी घोषणा देखने को मिलती है। इससे पहले 8 नवंबर 2016 को उन्होंने नोटबंदी का ऐलान किया था। वहीं 2019 में अनुच्छेद 370 के खात्मे और 2020 में कोरोना काल के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा भी इसी तरह के संबोधनों के माध्यम से की गई थी। आज 18 अप्रैल 2026 की तारीख भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।



