
CG By-Election 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की बिंझरा जनपद सीट पर होने जा रहा उपचुनाव इन दिनों पूरे प्रदेश की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। इस सीट पर हो रहे चुनावी मुकाबले ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या के मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ने इसी सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सबको चौंका दिया है। कानून की बारीकियों और संवैधानिक नियमों का फायदा उठाकर जेल के भीतर से उसकी चुनावी मैदान में एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
चुनावी रंजिश में हुई थी भाजपा नेता की हत्या
यह पूरा विवाद कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केसलपुर इलाके से जुड़ा हुआ है। पिछले साल 23 दिसंबर 2025 को बिंझरा के तत्कालीन जनपद सदस्य और भाजपा नेता अक्षय गर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की मुख्य वजह पुरानी चुनावी रंजिश को बताया था। पुलिसिया तफ्तीश के बाद मामले में मल्दा के रहने वाले मुस्ताक अहमद को मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया था। तब से आरोपी मुस्ताक जेल की सलाखों के पीछे बंद है।
कानूनी प्रावधानों के सहारे जेल से पर्चा दाखिला
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जेल में बंद मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ने चुनाव लड़ने का फैसला किया। देश के मौजूदा कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के तहत जब तक किसी आरोपी को अदालत से दोषी करार नहीं दिया जाता, तब तक उसके चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इसी नियम का सहारा लेते हुए मुस्ताक ने बिंझरा जनपद सीट से सदस्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया। इस कदम के बाद से ही क्षेत्र में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
चौक-चौराहों से लेकर चौपालों तक छिड़ी बहस
मुस्ताक अहमद के इस फैसले ने बिंझरा क्षेत्र के आम मतदाताओं को हैरान कर दिया है। ग्रामीण इलाकों के चाय के टपरों, सब्जी बाजारों, होटलों और गांव की चौपालों पर सुबह से शाम तक बस इसी बात पर चर्चा हो रही है। इस बार बिंझरा जनपद सीट पर चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है क्योंकि मुस्ताक अहमद समेत कुल 8 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार का चुनाव विकास के मुद्दों से भटक कर पूरी तरह से एक अलग दिशा में चला गया है।
मूलभूत समस्याओं से जूझ रही क्षेत्रीय जनता
सियासी उठापटक के बीच बिंझरा क्षेत्र की जमीनी हकीकत यह है कि यह इलाका आज भी सड़क, पानी और बिजली जैसी कई बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां के आम वोटरों का कहना है कि उन्हें एक ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए जो उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहे और गांव में विकास कार्य करवाए। लेकिन मौजूदा समय में जो आपराधिक और राजनीतिक घालमेल देखने को मिल रहा है, उसने आम जनता को भी काफी असमंजस में डाल दिया है और वे काफी सोच-विचार कर रहे हैं।
1 जून को वोटिंग, पूरे प्रदेश की टिकी नजरें
एक तरफ जहां दिवंगत भाजपा नेता अक्षय गर्ग का परिवार आज भी अदालत से न्याय मिलने की आस लगाए बैठा है, वहीं दूसरी तरफ उनकी हत्या का आरोपी उसी राजनीतिक पद को हासिल करने के लिए जेल से अपनी गोटियां फिट कर रहा है। इस अनोखे घटनाक्रम ने हमारे पूरे चुनावी सिस्टम पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस बीच प्रशासन ने 1 जून 2026 को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच होने वाली वोटिंग पर अब पूरे छत्तीसगढ़ की नजरें टिकी हुई हैं।



