
CG Heatwave Yellow Alert 2026: छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर कड़े होने के साथ ही गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा और अधिक चढ़ सकता है जिससे लू लगने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाएगा। मौसम में इस बदलाव और तपिश को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
अस्पतालों में दवाओं का रहेगा पुख्ता स्टॉक, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की है। मंत्री ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मौसमी बीमारियों और लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।
मरीजों की राहत के लिए सुधारे जाएंगे कूलर और एसी, पानी का भी रहेगा इंतजाम
मंत्री जायसवाल ने विभाग को निर्देशित किया है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में खराब पड़े पंखों, कूलर और एसी को तुरंत ठीक कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में पीने के ठंडे पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। विभाग का प्रयास है कि अस्पताल पहुंचने वाले किसी भी मरीज या परिजन को इस भीषण तपिश के कारण असुविधा न हो।
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा, 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह
बढ़ती गर्मी का सीधा असर अब आम जनजीवन पर भी साफ नजर आने लगा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों की वजह से दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें क्योंकि इस दौरान सूरज की किरणें सबसे तीव्र होती हैं और लू लगने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।
राजनांदगांव में पारा 43 के पार, राजधानी रायपुर भी लू की चपेट में
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव प्रदेश में सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर भी पीछे नहीं है और यहां पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है। अन्य शहरों की बात करें तो माना में 42.5, बिलासपुर में 42.8 और जगदलपुर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ है। वहीं पेंड्रा रोड में 39.9 और अंबिकापुर में 39.3 डिग्री के साथ गर्मी का असर बना हुआ है।
लू से बचने के लिए बरतें सावधानी, तरल पदार्थों का सेवन है जरूरी
गर्मी के इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। दोपहर में बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढंककर रखना चाहिए। हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनना इस मौसम में सबसे बेहतर होता है। इसके अलावा शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ पानी रखें और नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें।
मौसमी बीमारियों पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल लू ही नहीं बल्कि मौसम बदलने के साथ होने वाले अन्य संक्रमणों पर भी विभाग की नजर है। सभी जिलों में निगरानी दल सक्रिय कर दिए गए हैं जो प्रभावित इलाकों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। ग्रामीणों को भी गर्मी से बचाव के तरीके बताने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के इस मौसम में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में किसी को परेशानी न हो।
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