
दुनिया भर में बढ़ रहे प्रदुषण और ईंधन की कमी के बीच छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के नागरिकों का आधुनिक और प्रदूषण मुक्त शहरी यातायात का इंतजार अब खत्म होने वाला है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत बिलासपुर को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप बहुत जल्द शहर पहुंचने वाली है. कोनी इलाके में बनाए जा रहे केंद्रीय बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य अब अपने आखिरी चरण में आ चुका है. शासन की तरफ से निर्माण एजेंसी को एक महीने के भीतर सारा काम पूरा करने की समय सीमा दी गई है ताकि बसों का संचालन समय पर शुरू हो सके.
ई-बसों की खरीदी प्रक्रिया पूरी, सचिव आर संगीता के निर्देश के बाद तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ई-सिटी बसों की खरीदी से जुड़ी तमाम कागजी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. आने वाले कुछ ही दिनों में ये बसें बिलासपुर पहुंच जाएंगी. इससे पहले सचिव आर संगीता ने अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे. शासन के इस कड़े रुख के बाद नगर निगम और निर्माण से जुड़े अधिकारी रोजाना मौके पर पहुंचकर काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
बसों के आने से पहले डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को शत-प्रतिशत दुरुस्त करने के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक शब्दों में हिदायत दी गई है कि सड़कों पर बसों के पहिए घूमने से पहले कोनी डिपो में चार्जिंग की सभी व्यवस्थाएं मुस्तैद रहनी चाहिए. इस कड़े निर्देश का मुख्य उद्देश्य यह है कि जैसे ही केंद्र सरकार से इलेक्ट्रिक बसों की डिलीवरी बिलासपुर को मिले, बिना किसी तकनीकी रुकावट या प्रशासनिक लेती-देती के उनका व्यावसायिक संचालन तुरंत शुरू किया जा सके. वर्तमान में डिपो में बिजली कनेक्शन और शेड का काम तेजी से किया जा रहा है.
मनमाने किराए से मिलेगी मुक्ति, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के यात्रियों को होगा सीधा फायदा
शहर में ऑटो और अन्य निजी सवारी वाहनों के मनमाने किराए से परेशान रहने वाले बिलासपुर वासियों के लिए यह सरकारी बस सेवा एक बड़ी राहत लेकर आएगी. खासकर रोज दफ्तर आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह सेवा बजट के अनुकूल होगी. बेहद कम और किफायती किराए में यात्रियों को भीषण गर्मी के दिनों में भी वातानुकूलित (एसी) बसों में आरामदायक सफर करने का मौका मिलेगा.
वायु और ध्वनि प्रदूषण से मिलेगी राहत, शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें सुधारेंगी शहर की आबोहवा
बिलासपुर शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण इन दिनों वायु और ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है. ये नई बसें पूरी तरह से बिजली से चलने वाली (इलेक्ट्रिक) होंगी, जिससे इनसे किसी भी प्रकार का धुआं या हानिकारक गैस नहीं निकलेगी. शून्य उत्सर्जन होने के कारण ये बसें पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल काम करेंगी, जिससे शहर की आबोहवा सुधरेगी और लोगों को सड़कों पर होने वाले कानफोड़ू शोर-शराबे से भी काफी हद तक आजादी मिलेगी.
महिलाओं और छात्राओं को मिलेगी हाईटेक सुरक्षा, पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगी बसें
इन अत्याधुनिक ई-बसों में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और कॉलेज की छात्राओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है. बसों के भीतर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही चलती बस की लाइव लोकेशन जानने के लिए जीपीएस सिस्टम और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पैनिक बटन की सुविधा होगी. बस में पैनिक बटन दबाते ही इसकी सूचना सीधे पुलिस और नगर निगम के केंद्रीय कंट्रोल रूम को मिल जाएगी.
कोनी एजुकेशन हब को मिलेगी बड़ी कनेक्टिविटी, मुख्य रेलवे स्टेशन से सीधे जुड़ेंगे छात्र
बिलासपुर का कोनी क्षेत्र एक बड़े एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है, जहां गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय और शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज समेत कई बड़े शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं. इन संस्थानों में रोजाना हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए आते हैं. कोनी में ही मुख्य डिपो होने और बसों का रूट यहीं से शुरू होने के कारण विद्यार्थियों को शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से सीधे व सस्ती बस कनेक्टिविटी मिल जाएगी.
आउटर और उपनगरीय क्षेत्रों तक दौड़ेंगी 50 ई-बसें, पांच एकड़ में बन रहा है अत्याधुनिक डिपो
पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत बिलासपुर शहर के परिवहन बेड़े के लिए कुल 50 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है. इन बसों को केवल शहर के आंतरिक मुख्य मार्गों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इनका विस्तार आउटर और उपनगरीय इलाकों जैसे सकरी, तिफरा, सिरगिट्टी, कोनी और सीपत मार्ग तक किया जाएगा. कोनी में तैयार हो रहा पांच एकड़ का हाईटेक डिपो इन सभी बसों का मुख्य मेंटेनेंस, वाशिंग और चार्जिंग हब होगा, जहां फास्ट डीसी चार्जर लगाए जा रहे हैं.
ट्रैफिक पुलिस के साथ रूटों का फाइनल सर्वे शुरू, जाम से बचने के लिए बनेंगे समर्पित बस स्टॉप
एक तरफ जहां कोनी डिपो में सिविल वर्क और हाई-पावर बिजली कनेक्शन का काम अंतिम दौर में है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम प्रशासन ने सड़कों पर यात्रियों की सुविधा के लिए कार्ययोजना बना ली है. शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर ई-बसों के लिए समर्पित बस स्टॉप और यात्रियों के बैठने के लिए नए शेड बनाए जा रहे हैं. ट्रैफिक पुलिस की टीम के साथ मिलकर रूटों का फाइनल सर्वे किया जा रहा है ताकि बसों के ठहराव के कारण मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा न हो.



