Dhamtari Online Lottery Fraud Case: धमतरी में ‘लॉटरी’ के नाम पर लूट: युवक को कार का लालच देकर ठग लिए 80 लाख, 3 साल तक चलता रहा वसूली का खेल

Dhamtari Online Lottery Fraud Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां एक युवक को लॉटरी में लग्जरी कार जीतने का झांसा देकर शातिर ठगों ने करीब 80 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी। ताज्जुब की बात यह है कि ठगी का यह सिलसिला पिछले तीन सालों से लगातार चल रहा था। भखारा थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित को जब अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक उसके जीवन की जमा-पूंजी लुटेरों के खातों में जा चुकी थी। पुलिस ने अब अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

ऑनलाइन शॉपिंग के बाद आया था ‘किस्मत’ बदलने वाला कॉल

Dhamtari News: मामले की शुरुआत साल 2022 में हुई थी। भखारा क्षेत्र के ग्राम इर्रा निवासी कमलेश ठाकुर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कुछ सामान ऑर्डर किया था। इसके कुछ दिनों बाद उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए दावा किया कि कमलेश ने लकी ड्रॉ में एक शानदार कार जीती है। ठगों ने इतनी सफाई से बात की कि कमलेश उनकी बातों के जाल में फंस गया और उसे लगा कि वाकई उसकी किस्मत चमक गई है।

प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के नाम पर किश्तों में वसूली

जालसाजों ने कार की डिलीवरी देने के बदले सबसे पहले ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ के रूप में छोटी रकम की मांग की। इसके बाद फाइल चार्ज, जीएसटी, इंश्योरेंस और आरटीओ जैसे अलग-अलग सरकारी खर्चों का बहाना बनाकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही। पीड़ित को हर बार यही भरोसा दिलाया जाता कि बस आखिरी प्रक्रिया बची है और कार उसके घर पहुंचने ही वाली है। इसी उम्मीद में कमलेश ने अपने बैंक खातों से बार-बार पैसे ट्रांसफर किए।

3 साल तक चलता रहा फर्जीवाड़ा, 80 लाख पार हुई रकम

धमतरी सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि यह ठगी साल 2022 से लेकर 2025 के अंत तक चलती रही। शातिर अपराधियों ने पीड़ित को इस कदर मनोवैज्ञानिक दबाव में रखा कि उसने एक-एक कर कुल 80 लाख रुपये से अधिक की राशि ठगों के हवाले कर दी। जब तीन साल बीत जाने के बाद भी न कार मिली और न ही ठगों ने पैसे मांगना बंद किया, तब पीड़ित को ठगी का अंदेशा हुआ। भारी आर्थिक नुकसान झेलने के बाद आखिरकार उसने पुलिस की शरण ली।

साइबर सेल और पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं

शिकायत मिलने के बाद भखारा पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस की साइबर सेल अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है जिनका इस्तेमाल पैसे मंगवाने के लिए किया गया था। शुरुआती जांच में ठगों के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने कहा है कि कोई भी कंपनी या लॉटरी संस्था कभी भी इनाम देने के बदले आपसे एडवांस पैसे नहीं मांगती। किसी भी अनजान नंबर से आने वाले प्रलोभन भरे कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। अगर कोई आपसे टैक्स या रजिस्ट्रेशन के नाम पर ऑनलाइन पैसे मांगता है, तो तुरंत समझ जाएं कि यह ठगी का प्रयास है। किसी भी तरह की शंका होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचना दें।

डिजिटल सुरक्षा: लालच से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

आज के दौर में ऑनलाइन ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। कभी केबीसी के नाम पर तो कभी महंगी गाड़ियों के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। धमतरी का यह मामला सबक है कि बिना मेहनत के मिलने वाली बड़ी राशि या इनाम अक्सर एक जाल होते हैं। अपनी निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें। आपकी एक छोटी सी जागरूकता आपको लाखों के नुकसान से बचा सकती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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