CG Liquor Scam Update: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला, चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत पर सुनवाई की तारीख बढ़ी, अब इस दिन रायपुर जिला कोर्ट में होगी सुनवाई

रायपुर: CG Liquor Scam Update: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद चैतन्य ने रायपुर जिला कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

ईडी ने जन्मदिन पर किया था गिरफ्तार

ईडी (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। शराब घोटाले की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस घोटाले से प्रदेश सरकार के राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (POC) घोटाले से जुड़े लोगों के पास पहुंचाई गई।

ईडी का दावा: चैतन्य को मिले 16.70 करोड़ रुपये

ईडी की चार्जशीट के अनुसार चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नकद मिले। बताया गया कि इस रकम को उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों में लगाया और प्रोजेक्ट्स के ठेकेदारों को नकद भुगतान भी किया।
जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत की और फ्लैटों की फर्जी खरीद के जरिए करीब 5 करोड़ रुपये हासिल किए। बैंकिंग ट्रेल में स्पष्ट हुआ कि संबंधित अवधि में ढिल्लों के खातों में शराब सिंडिकेट से रकम आई थी।

1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति का संचालन

ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी का संचालन किया। वह अनवर ढेबर और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यह रकम छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाते थे।
एजेंसी ने दावा किया कि इस अवैध आय को बघेल परिवार के करीबी सहयोगियों के पास आगे निवेश के लिए ट्रांसफर किया गया। इस धनराशि के अंतिम इस्तेमाल की जांच अभी जारी है।

बड़े नेताओं और अधिकारियों पर भी गिरी गाज

शराब घोटाले में पहले ही कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व मौजूदा विधायक कवासी लखमा शामिल हैं।
फिलहाल, मामले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर कर रही हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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