
धमतरी: प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का नाथूकोन्हा गाँव प्रदेश का पहला ‘सोलर विलेज’ बन गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा धमतरी दौरे पर आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने गाँव के सरपंच अकबर मंडावी को सोलर विलेज का प्रमाण पत्र प्रदान किया, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह का माहौल है।
सभी 27 घरों में सोलर पैनल स्थापित, बिजली बिल हुआ शून्य
नाथूकोन्हा गाँव के सभी 27 घरों में सोलर पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के बाद अब गाँव के लोगों को मुफ्त और निरंतर बिजली उपलब्ध हो रही है। गाँव के सरपंच अकबर मंडावी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत उनके घर सहित पूरे गाँव में सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिसके बाद से उनके बिजली बिल पूरी तरह बंद हो गए हैं और सरकार की ओर से उन्हें पर्याप्त सब्सिडी भी मिली है।
जंगल से घिरा आदिवासी गाँव सौर ऊर्जा से जगमगाया
नाथूकोन्हा गाँव माड़मसिल्ली बांध के किनारे स्थित है और चारों ओर से घने जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहाँ कुल 27 आदिवासी परिवार निवास करते हैं। पहले बिजली की समस्या से जूझने वाला यह सुदूर गाँव, अब सौर ऊर्जा से पूर्ण रूप से जगमगा उठा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें 12 महीने लगातार और मुफ्त बिजली मिलेगी, जिससे जीवन आसान हुआ है और बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक सब कुछ नियमित हो गया है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लक्ष्य: मुफ्त बिजली और आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलना और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सरकार का मकसद है कि लोगों को मुफ्त बिजली मिल सके और सौर ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर देश बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।



