
Dhamtari BCS College NCC Cadets Indian Army Selection: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव (बीसीएस) शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के नाम एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। कॉलेज की एनसीसी (NCC) इकाई के 34 कैडेट्स का एक साथ भारतीय सेना में चयन हुआ है। इन सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और देश सेवा के प्रति समर्पण के बल पर सेना की कठिन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) और साक्षात्कार (इंटरव्यू) को सफलतापूर्वक पास किया है। छोटे शहर के एक ही कॉलेज से इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का फौज में जाना पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गया है।
कठिन परिश्रम और अनुशासन से पाई सफलता, प्राचार्य ने दी चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई
कैडेट्स की इस बड़ी कामयाबी पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने सभी चयनित छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्राचार्य ने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता इन विद्यार्थियों के कड़े अनुशासन और निरंतर परिश्रम का मीठा फल है। उन्होंने गर्व से बताया कि बीसीएस कॉलेज हमेशा से अपने छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता रहा है। कॉलेज की एनसीसी विंग युवाओं के भीतर राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की भावना को कूट-कूट कर भरने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इन होनहार कैडेट्स का सेना में हुआ चयन, पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी रहे आगे
भारतीय सेना का हिस्सा बनने वाले इन होनहारों में लड़कियों और लड़कों दोनों ने बाजी मारी है। सेना के विभिन्न विंग्स में चुने गए कैडेट्स की सूची इस प्रकार है:
नीलिमा, मिथिलेश्वरी, आरती, केशरी कंवर, ममता, ईशा प्रकाश, वीरेंद्र मीनपाल, हिमागनी, यश कुमार, होरीलाल, समीरगिरी गोस्वामी, शैलेंद्र साहू, कोमल, भूपेंद्र, त्रिलोकीनाथ, सोम प्रकाश, नोमेश, शिवराम, जितिन, दुर्गेश कुमार कैलाश (नौसेना), दुर्गेश नागवंशी, दीपेश साहू, ओम प्रकाश, केवल, पुष्कर, चितरंजन, मयंक नामवंशी, होमेंद्र, शिवराज और जितिन कुमार।
शिक्षकों ने बताया कि ये सभी छात्र केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि कॉलेज की अन्य सामाजिक गतिविधियों, स्वच्छता अभियानों और जागरूकता रैलियों में भी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते थे।
जिला प्रशासन की ‘अग्निवीर कार्यशाला’ बनी मददगार, मुफ्त कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग का मिला लाभ
कैडेट्स को भारतीय सेना के इस मुकाम तक पहुंचाने में धमतरी जिला प्रशासन द्वारा चलाई गई विशेष ‘अग्निवीर कार्यशाला’ की भूमिका सबसे अहम रही है। सेना भर्ती रैली को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय युवाओं के लिए एक निशुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था। इस कार्यशाला में सेना के अनुभवी प्रशिक्षकों और रिटायर्ड फौजियों द्वारा युवाओं को लिखित परीक्षा की तैयारी कराने के साथ-साथ दौड़, लंबी कूद और अन्य शारीरिक परीक्षणों की बारीकियां सिखाई गई थीं। कॉलेज के नियमित अभ्यास के साथ जिला प्रशासन के इस बैक-एंड सपोर्ट ने कैडेट्स की राह को काफी आसान बना दिया।
अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे ये सैनिक, कर्नल और कॉलेज परिवार ने जताया आभार
इस गौरवशाली अवसर पर एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और कॉलेज स्टाफ ने संयुक्त रूप से एक समारोह आयोजित कर बच्चों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में 27 सीजी बटालियन एनसीसी रायपुर के कमांडिंग ऑफिसर विशेष सेना मेडल कर्नल सौरभ कुमार और कर्नल सुभाष महतो ने विशेष रूप से शिरकत की। इसके अलावा कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष सतीश पवार, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट दिनेश्वर सलाम, खेल अधिकारी देवाशीष हाजरा और हवलदार दलजीत सिंह समेत पूरे कॉलेज स्टाफ ने कैडेट्स की पीठ थपथपाई। वक्ताओं ने कहा कि बस्तर और धमतरी के सीमावर्ती इलाकों से आने वाले इन युवाओं की सफलता छत्तीसगढ़ के अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के लिए भी सेना में जाने का एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बनेगी।



