
CG Fertilizer Black Marketing: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में इन दिनों खाद की कालाबाजारी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है. निजी कृषि केंद्रों के संचालक मजबूर किसानों को यूरिया जैसी जरूरी खाद तय कीमत से तीन गुना से भी अधिक ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं. इस मनमानी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने एक अनोखा जाल बिछाया. विभाग के उपसंचालक खुद ही भेष बदलकर एक आम किसान के रूप में जिला मुख्यालय की एक बड़ी खाद दुकान पर पहुंचे. वहां व्यापारी ने उन्हें भी अन्य किसानों की तरह ठगने की कोशिश की, जिसके बाद विभाग की टीम ने रंगे हाथों कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में खाद जब्त कर ली.
किसानों की लगातार शिकायतों के बाद कृषि उपसंचालक ने बदला अपना भेष और गाड़ी
जिले के किसानों की तरफ से यूरिया की किल्लत और उसकी तय दाम से अधिक वसूली को लेकर लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं. निजी कृषि केंद्र संचालक सरकारी नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से दाम वसूल रहे थे. इस जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए कृषि विभाग के उपसंचालक राकेश कुमार शर्मा ने एक योजना बनाई. उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी को कार्यालय में ही छोड़ दिया और अपना पहनावा पूरी तरह बदलकर एक साधारण ग्रामीण किसान का रूप धारण किया. इसके बाद वे जिला मुख्यालय के नेताजी चौक पर संचालित नानक चंद नंद किशोर कृषि केंद्र नामक खाद दुकान पर यूरिया खरीदने पहुंच गए.

पीओएस मशीन में दर्ज की सही कीमत लेकिन बिना बिल दिए वसूल लिए तीन गुना पैसे
दुकान पर पहुंचकर उपसंचालक ने तीन बोरी यूरिया की मांग की. दुकान संचालक ने उनसे पहचान पत्र लिया और सरकारी पीओएस मशीन में उसकी एंट्री भी की. मशीन के स्क्रीन पर शासन द्वारा निर्धारित सरकारी दर 266 रुपये 50 पैसा ही दिखाई दे रही थी. लेकिन जब पैसे लेने की बारी आई तो दुकानदार ने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बिना कोई पक्का बिल दिए तीन बोरी यूरिया के बदले कुल 2550 रुपये मांग लिए. इस हिसाब से प्रति बोरी की कीमत 850 रुपये वसूली गई जो कि तय सरकारी कीमत से तीन गुना ज्यादा थी.
उपसंचालक की आपत्ति पर भी अड़ा रहा व्यापारी, इशारा मिलते ही टीम ने मारा छापा
एक आम किसान के रूप में मौजूद उपसंचालक राकेश कुमार शर्मा ने इतनी ज्यादा कीमत लेने पर दुकानदार से आपत्ति भी जताई. उन्होंने कहा कि सरकार ने तो दाम कम तय किए हैं, फिर इतने पैसे क्यों लिए जा रहे हैं. इसके बावजूद व्यापारी अपनी बात पर अड़ा रहा और उसने पूरे 2550 रुपये वसूल कर लिए. जैसे ही पैसे का लेन-देन पूरा हुआ, उपसंचालक ने तुरंत इशारा कर अपने विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को मौके पर बुला लिया. अधिकारियों की अचानक हुई इस एंट्री से दुकान संचालक के होश उड़ गए.
गोदाम से 1400 से अधिक बोरी खाद जब्त, कृषि केंद्र को किया गया तत्काल सील
कृषि विभाग की टीम ने दुकान के साथ-साथ उससे जुड़े खाद गोदाम की भी बारीकी से तलाशी ली. जांच के दौरान गोदाम के भीतर भारी मात्रा में अवैध रूप से स्टॉक करके रखी गई यूरिया, डीएपी और अन्य रासायनिक खादों का जखीरा मिला. अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए गोदाम से करीब 1400 से अधिक बोरी खाद को अपनी कस्टडी में ले लिया. इसके साथ ही दुकान के कागजात और स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी पाए जाने पर नानक चंद नंद किशोर कृषि केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया.

खरीफ सीजन में कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई, जारी रहेगी छापामार मुहिम
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कृषि उपसंचालक राकेश कुमार शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि खरीफ फसल के इस सीजन में किसानों को समय पर और सही दाम में खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए लगातार बैठकें लेकर सभी खाद व्यापारियों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद जो भी व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर अधिक दाम वसूलेंगे, उनके खिलाफ विभाग इसी तरह अलग-अलग तरीके अपनाकर औचक छापेमारी करेगा. अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगली बार ऐसी गड़बड़ी मिलने पर सीधे कानूनी और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.



