
Nagar Panchayat Bhakhara: छत्तीसगढ़ के कुरुद विधानसभा अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत भखारा-भठेली के विकास को कल एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। पूर्व मंत्री एवं कुरुद क्षेत्र के स्थानीय विधायक अजय चंद्राकर 19 मई को नगर पंचायत क्षेत्रवासियों को करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की बड़ी सौगात सौंपेंगे। वे इलाके के युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों की सहूलियत के लिए तैयार किए गए कई आधुनिक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इस बड़े कार्यक्रम को लेकर स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सभी जरूरी जमीनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ई-लाइब्रेरी, बॉक्स क्रिकेट और शापिंग कॉम्प्लेक्स समेत 5.77 करोड़ के प्रोजेक्ट्स से होगा विकास
नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति जैन ने इस विकास उत्सव की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भखारा-भठेली के कायाकल्प के लिए कुल 5 करोड़ 77 लाख 96 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है, जिससे अलग-अलग वार्डों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इस विशेष बजट से क्षेत्र के भीतर निम्नलिखित महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए जाएंगे:
- खेल सुविधाएं: युवाओं के लिए एक आधुनिक बॉक्स क्रिकेट मैदान और मल्टी स्पोर्ट टर्फ ग्राउंड का निर्माण किया जाएगा।
- शिक्षा का विस्तार: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक हाईटेक ई-लाइब्रेरी स्थापित होगी।
- पर्यावरण संरक्षण: गंदे पानी के सही निपटारे और जल संरक्षण के उद्देश्य से एक नया एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाया जाएगा।
- शहरी अधोसंरचना: स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सर्वसुविधायुक्त नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है।
- सड़क और रोशनी: पूरे नगर पंचायत क्षेत्र को चमकाने के लिए मुख्य रास्तों पर नए ऑक्टांगल स्ट्रीट पोल और आधुनिक एलईडी (LED) लाइटें लगाई जाएंगी।
नगरवासियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
नगर पंचायत अध्यक्ष के मुताबिक, विधायक अजय चंद्राकर द्वारा भूमिपूजन किए जाने के तुरंत बाद इन सभी विकास परियोजनाओं पर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य एक निश्चित समय-सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इन सुविधाओं के शुरू होने से भखारा-भठेली के लोगों को व्यापार, शिक्षा और खेलकूद के लिए बड़े शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा और कस्बे के भीतर ही बेहतर शहरी माहौल मिल सकेगा।



