GPM Jeweller Pradeep Soni Case: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सर्राफा व्यापारी Hत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: बिहार और झारखंड से बुलाए गए थे शूटर, मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

GPM Jeweller Pradeep Soni Case: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पिछले दिनों हुए सर्राफा कारोबारी प्रदीप सोनी हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है. पुलिस ने इस अंधे कत्ल और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य सूत्रधार समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया है. हालांकि, घटना को अंजाम देने वाले बिहार और झारखंड के तीन पेशेवर शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार और लूटे गए आभूषण भी बरामद कर लिए हैं. इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया है.

Table of Contents

कोटमी बाजार में शाम के वक्त पल्सर बाइक से आए थे तीन बदमाश, सीने में बेहद करीब से मारी थी गोली

यह खूनी वारदात मंगलवार 26 मई की शाम करीब 7 बजे की है, जब कोटमी चौकी क्षेत्र के बाजार में अपनी दुकान पर मौजूद सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी पर अचानक हमला हुआ. एक पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश बदमाशों ने प्रदीप सोनी को निशाना बनाया. बदमाशों ने कारोबारी के बेहद करीब जाकर उनके दाहिने सीने पर गोली दाग दी, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े. गोली चलने की आवाज सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, आरोपी जेवरातों से भरा बैग लूटकर फरार हो चुके थे. पुलिस ने घायल प्रदीप को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

सर्राफा व्यापारी से लूटे गए आभूषण भी बरामद किए गए हैं।

बिलासपुर का खुशीराम साहू निकला हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड, भतीजे के साथ मिलकर रची थी साजिश

पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि इस पूरे हत्याकांड की पटकथा बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव के रहने वाले खुशीराम साहू ने लिखी थी. खुशीराम काफी समय से कोटमी बाजार के सोना-चांदी व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था. उसने व्यापारिक रूट और उनके आने-जाने के समय की पूरी रेकी की थी. इस बड़ी साजिश को अमलीजामा पहनाने में खुशीराम के सगे भतीजे राजाराम साहू ने भी उसका पूरा साथ दिया. इन दोनों ने मिलकर तय किया था कि वे स्थानीय स्तर पर किसी का नाम सामने आए बिना बाहरी अपराधियों से इस काम को अंजाम दिलवाएंगे.

बिहार और झारखंड के शातिर अपराधियों से किया गया संपर्क, राहुल अपने साथियों के साथ आया था छत्तीसगढ़

लूट की योजना को पुख्ता बनाने के लिए खुशीराम साहू ने बिहार और झारखंड में सक्रिय अपने एक पुराने परिचित राहुल नाम के युवक से संपर्क साधा. खुशीराम ने राहुल को मोटी रकम और लूट के माल में हिस्सा देने का लालच देकर छत्तीसगढ़ बुलाया. राहुल अपने साथ दो और शातिर अपराधियों संजय और राजू को लेकर बिहार से बिलासपुर पहुंचा. इन तीनों शूटरों को खुशीराम और राजाराम ने प्रदीप सोनी की दुकान की पहचान कराई और भागने के रास्तों का पूरा नक्शा समझाया, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया.

वारदात के बाद देवरीखुर्द में जुटे थे सभी आरोपी, लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में हुआ बंटवारा

व्यापारी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पहले से तय ठिकाने पर पहुंचे. आरोपी बिलासपुर के देवरीखुर्द इलाके में रहने वाले गया प्रसाद रजक के मकान में इकट्ठा हुए थे. यहां बंद कमरे के भीतर लूटे गए सोने-चांदी के सारे आभूषणों को टेबल पर रखकर आपस में बराबर बांटा गया. पुलिस को सायबर सेल की मदद से जब इन आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और देवरीखुर्द में उनकी मौजूदगी के तकनीकी साक्ष्य मिले, तो टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और स्थानीय स्तर के तीनों मददगारों को दबोच लिया.

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद, तीन मोबाइल फोन भी जब्त

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड खुशीराम साहू, राजाराम साहू और शरण देने वाले गया प्रसाद रजक के पास से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात के समय बैकअप के लिए रखा गया एक नग देसी कट्टा और दो नग जिंदा कारतूस मिले हैं. इसके साथ ही पुलिस ने इनके पास से पीड़ित व्यापारी से लूटे गए आभूषणों का एक बड़ा हिस्सा और साजिश में इस्तेमाल किए गए तीन स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं. इन मोबाइलों के कॉल रिकॉर्ड्स से पुलिस को फरार शूटरों के बारे में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं.

एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस भी जब्त किया गया है।

फरार शूटरों की गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्यों में पुलिस टीमें रवाना, आईजी रामगोपाल गर्ग ने दी जानकारी

बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर राहुल, संजय और राजू अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें बिहार और झारखंड के संभावित ठिकानों के लिए रवाना कर दी गई हैं. आईजी ने दावा किया है कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर लिया गया है और जल्द ही तीनों शूटरों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा.

सर्राफा कारोबारियों में दहशत का माहौल, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का दिया भरोसा

इस अंधाधुंध फायरिंग और हत्या की घटना के बाद से स्थानीय कोटमी और पेंड्रा क्षेत्र के व्यापारियों में अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है. सर्राफा एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से बाजारों में सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है. इस पर पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि ग्रामीण और शहरी बाजारों में शाम के समय पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी लगातार गश्त करेगी. संदिग्ध वाहनों की चेकिंग तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

Also Read: IPL Betting Case: BJP युवा मोर्चा के जिला महामंत्री समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद बढ़े सवाल, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज, पुलिस पर जानकारी छिपाने के आरोप

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button