Father Arrested POCSO Case Ambikapur: अंबिकापुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार

Father Arrested POCSO Case Ambikapur: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ कथित रूप से गलत व्यवहार और ज्यादती करने के आरोप में एक कलयुगी पिता को गिरफ्तार किया है। इस संवेदनशील मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। इस घटना के उजागर होने के बाद से ही पूरे अंचल के नागरिकों में गहरा असंतोष और रोष देखा जा रहा है।

पीड़िता ने मां के सामने बयां किया अपना दर्द, गांधीनगर थाने में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत

Ambikapur News: पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़की पिछले कुछ समय से इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को चुपचाप सहन कर रही थी। अंततः साहस जुटाकर उसने अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार की पूरी आपबीती अपनी मां को विस्तार से बताई। बेटी की व्यथा सुनने के बाद मां ने बिना किसी देरी के सीधे गांधीनगर थाना पहुंचकर अधिकारियों को मामले की लिखित जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और दबिश देकर आरोपी पिता को अपनी हिरासत में ले लिया।

कानूनी औपचारिकताएं और मेडिकल परीक्षण पूरा, पीड़िता की पहचान को पूरी तरह रखा गया गोपनीय

POCSO Case Ambikapur: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने पीड़िता का नियमानुसार चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल जांच) कराया है और अदालत के समक्ष उसके आवश्यक बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कानून के मुताबिक नाबालिग पीड़िता की पहचान और उसके निवास संबंधी विवरण को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। इसके साथ ही प्रभावित परिवार को इस कठिन समय से उबरने के लिए आवश्यक कानूनी सहायता और सुरक्षा भी मुहैया कराई जा रही है।

पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में केस दर्ज, साक्ष्यों के आधार पर चालान पेश करने की तैयारी

गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर यौन अपराधों से जुड़ी धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में देश का कानून बेहद कड़ा है और ऐसे अपराधों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाती। पुलिस इस मामले के हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है ताकि सभी जरूरी फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ जल्द ही न्यायालय में आरोप पत्र (चालान) दाखिल किया जाएगा।

घटना से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी, सामाजिक संगठनों ने की सख्त सजा देने की मांग

इस अमानवीय कृत्य की सूचना जैसे ही क्षेत्र में फैली, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि समाज और परिवार के भीतर होने वाले ऐसे घिनौने अपराध बेहद चिंताजनक हैं और इनसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा होता है। विभिन्न नागरिक मंचों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की त्वरित सुनवाई (फास्ट ट्रैक ट्रायल) सुनिश्चित कराई जाए ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए विशेष अभियान की जरूरत, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

बाल कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार की घटनाएं केवल पुलिस और कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके समाधान के लिए व्यापक सामाजिक चेतना की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार (गुड टच और बैड टच) के अंतर को समझाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि बच्चे बिना किसी डर के अपने साथ होने वाले किसी भी गलत बर्ताव की शिकायत तुरंत अपने परिजनों या शिक्षकों से कर सकें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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