
Dhamtari Police TI Viral Video: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बोराई थाना क्षेत्र के नाके पर गाड़ी नहीं रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि टीआई ने बीच बाजार में एक व्यापारी पर हाथ उठा दिया। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह न केवल व्यापारी को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं, बल्कि गंदी गालियां देते हुए उसे थाने ले जाकर पीटने की धमकी भी दे रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
साप्ताहिक बाजार में हंगामा: व्यापारी ने लगाया वसूली का आरोप
पीड़ित व्यापारी शब्बीर मेमन ने बताया कि वह हर शुक्रवार को बोराई के साप्ताहिक बाजार में मुर्गा खरीदने और बेचने का काम करता है। शुक्रवार को बाजार पहुंचने की जल्दी में वह बोराई नाके पर अपनी गाड़ी नहीं रोक पाया था। इसके बाद टीआई ने उसे बाजार के बीच में रोका और बहस शुरू कर दी। व्यापारी का आरोप है कि नाके पर पुलिस चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करती है और जो गाड़ियां नहीं रुकतीं, उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। मौके पर मौजूद भीड़ ने जब पुलिस का विरोध किया, तो टीआई लोगों से भी उलझते नजर आए।
पुलिस प्रशासन की सफाई: मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए थी चेकिंग
इस मामले पर जिले के एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे का कहना है कि ओडिशा सीमा की ओर से आने वाले वाहनों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। पुलिस टीम नाके पर हर संदिग्ध गाड़ी को रोककर चेक कर रही थी, लेकिन पिकअप ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी। इसी बात को लेकर टीआई और ड्राइवर के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक व्यापारी की तरफ से इस संबंध में कोई लिखित शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई है।
वायरल वीडियो से खुली पोल: थप्पड़ मारकर मुकर गए साहब
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टीआई पहले व्यापारी को थप्पड़ जड़ते हैं और फिर आसपास खड़े लोगों के टोकने पर साफ मुकर जाते हैं कि उन्होंने हाथ नहीं उठाया है। चश्मदीदों का कहना है कि वर्दी के नशे में चूर अधिकारी ने सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाईं और एक आम नागरिक के साथ अपराधी जैसा बर्ताव किया। नागरिक उड्डयन और पुलिस प्रशासन के सुशासन के दावों के बीच इस तरह की घटनाएं जनता का भरोसा तोड़ने वाली साबित हो रही हैं। फिलहाल उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी है जिसके बाद ही टीआई पर किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।



