
CG Finance Minister OP Choudhary Energy Conservation Decision: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने ऊर्जा बचत और संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संयम बरतने का आग्रह किया था। पीएम की इस अपील को शिरोधार्य करते हुए वित्त मंत्री ने अपनी सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कटौती का निर्णय लिया है। उन्होंने साफ किया है कि वे अब सादगी के साथ सफर करेंगे ताकि देश के संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
वीआईपी कल्चर का त्याग और ऊर्जा बचाने का संकल्प
वित्त मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए इस महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए वे अब पायलट वाहन और फॉलो गाड़ियों के काफिले का उपयोग नहीं करेंगे। चौधरी के अनुसार, जब तक स्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही प्रोटोकॉल का सहारा लेंगे। मंत्री के इस कदम को सरकारी स्तर पर फिजूलखर्ची रोकने और ‘वीआईपी कल्चर’ को कम करने की दिशा में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
वैश्विक तनाव और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की जरूरत
मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता की वजह से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। ऐसे कठिन समय में देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का सहयोग अनिवार्य है। ओ.पी. चौधरी का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर की गई यह छोटी सी शुरुआत समाज में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करेगी। उनके इस फैसले से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि यह आम जनता को भी संसाधनों का कम से कम और सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा और जनता की प्रतिक्रिया
एक कैबिनेट मंत्री द्वारा स्वेच्छा से अपने काफिले को छोड़ना प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वित्त मंत्री की इस सादगीपूर्ण पहल की सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर सभी जनप्रतिनिधि इसी तरह जिम्मेदारी का परिचय दें, तो ऊर्जा संरक्षण का लक्ष्य पाना आसान हो जाएगा। चौधरी के इस निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रहित में लिए गए फैसलों को लागू करने की शुरुआत खुद से होनी चाहिए।



