
राजधानी रायपुर से सटे बीरगांव नगर निगम में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान धांधली की बड़ी तस्वीर सामने आई है। गाजी नगर इलाके के भाग नंबर 100 में की गई पड़ताल में पता चला है कि मकान नंबर 382 में कागजों पर 140 से ज्यादा मतदाता दर्ज हैं। जमीनी हकीकत यह है कि इस घर में सिर्फ 5 लोग ही रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस पते का इस्तेमाल उन लोगों के नाम जोड़ने के लिए किया गया है जो वहां से आधा किलोमीटर दूर रहते हैं। इसी तरह गौरव पथ स्थित मकान नंबर 370 में भी 85 से अधिक लोगों के नाम दर्ज पाए गए हैं।
ड्राफ्ट सूची में पते के नाम पर मिले जीरो और एक जैसे नंबर
मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कई और गंभीर त्रुटियां उजागर हुई हैं। जांच के दौरान कई ऐसे मामले मिले हैं जहां करीब 50 मतदाताओं के पते के कॉलम में मकान नंबर की जगह सिर्फ 0 या 1 लिखा गया है। जानकारों का मानना है कि यह फर्जी मतदाताओं को घुसाने या बड़ी तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है। बीरगांव क्षेत्र के बूथ नंबर 73 और 74 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में संदिग्ध नामों की पुष्टि हुई है। इन गड़बड़ियों के चलते अब ड्राफ्ट सूची से हजारों नाम कटने की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी पारदर्शिता पर उठे सवाल और प्रशासनिक कार्रवाई
इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों के बीच चुनावी निष्पक्षता को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि फर्जी मतदाताओं की एंट्री को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषियों की पहचान की जाएगी। मतदाता सूची में इस तरह की भारी हेराफेरी ने पूरे चुनावी तंत्र की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले सभी फर्जी नामों को हटा दिया जाएगा ताकि आने वाले चुनावों में केवल वास्तविक निवासी ही मतदान कर सकें।



