
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 15 वर्ष से अधिक पुराने शासकीय और गैर-शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के निर्देशों के बाद लिया गया है। परिवहन विभाग ने सभी विभागों और विभागाध्यक्षों को तत्काल पत्र भेजकर ऐसे वाहनों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य वाहन बेड़े को अपडेट करना और पुरानी गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
6000 वाहन स्क्रैप करने का लक्ष्य, प्रदूषण कम करने पर जोर
परिवहन विभाग ने राज्य में 2000 शासकीय और 4000 गैर-शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। व्यय विभाग के आदेशों के अनुसार, स्क्रैप किए जाने वाले वाहनों की संख्या के आधार पर सहायता राशि का भी प्रावधान किया गया है। यह पहल वाहनों को अपडेट करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महानदी भवन में 21 नवंबर को बुलाई गई अहम बैठक
इस महत्वपूर्ण निर्णय को लागू करने के लिए परिवहन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में 21 नवंबर को महानदी भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई है। बैठक में विभागीय अधिकारियों को 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के संबंध में विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसमें पंजीयन नंबर, वाहन आवंटित व्यक्ति/संस्था का नाम, वाहन का प्रकार और वर्तमान में वाहन संचालित है या नहीं जैसी पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
स्क्रैपिंग का तरीका और विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश
अधिकारियों को बैठक में यह जानकारी भी देनी होगी कि यदि इससे पहले भी वाहनों को स्क्रैप किया गया है, तो उसके लिए अपनाए गए तरीकों की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस तरह की बारीक जानकारी मांगने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्क्रैप करने की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो। यह प्रक्रिया अव्यवस्थित वाहनों को सड़क से हटाने में मदद करेगी।
नई गाड़ी खरीदने पर 25% टैक्स में मिलेगी छूट
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर से स्क्रैप करवाता है, तो उसे एक बड़ा प्रोत्साहन दिया जाएगा। नई गाड़ी लेने पर उन्हें 25 प्रतिशत टैक्स में छूट दी जाएगी। स्क्रैपिंग के बाद ‘सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट’ नामक एक ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ के सभी ऑटोमोबाइल डीलरशिप में मान्य होगा।



