
CG BJP MLA Renuka Singh Viral Audio Controversy: छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में इस समय एक कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने से सियासी पारा अचानक गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और भरतपुर-सोनहत विधानसभा सीट से विधायक रेणुका सिंह का एक कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद से सत्ताधारी दल बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। वायरल क्लिप में सुनाई दे रही आवाज में अपनी ही सरकार के कामकाज और संगठन के बड़े नेताओं के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर की गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मच गई है।
वायरल ऑडियो में अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, प्रदेश में कांग्रेस की वापसी का किया दावा
Renuka Singh Viral Audio: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित बातचीत के अंश बेहद चौंकाने वाले हैं। ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से ऊपर बैठे लोगों के इशारे पर संचालित हो रही है। बातचीत में आगे कहा गया है कि किसी भी मुख्यमंत्री को पद पर बैठाने के तुरंत बाद हटाया नहीं जा सकता, लेकिन दिल्ली के शीर्ष नेता भी राज्य के काम से बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं। ऑडियो में यह दावा भी किया गया है कि प्रदेश में आने वाले समय में फिर से कांग्रेस पार्टी की वापसी होगी, भूपेश बघेल दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे और वर्तमान सत्ता में बैठे लोगों को जेल भेजेंगे।
भाजयुमो नेता मनोज साहू पर फूटा गुस्सा, चुनाव में पांच करोड़ रुपए खर्च करने की दी चुनौती
BJP MLA Renuka Singh Viral Audio: इस पूरे विवाद के पीछे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री मनोज साहू का नाम सामने आ रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मनोज साहू को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बातचीत के दौरान आवाज में कहा गया है कि अगर वह चुनाव लड़ेगा, तो मैं अपनी पूरी जमा-पूंजी यानी 5 करोड़ रुपए निकाल लूंगी और उसे हराने के लिए सब कुछ खर्च कर दूंगी। कथित ऑडियो में संबंधित नेता के लिए बेहद कड़े और अमर्यादित शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे संगठन के भीतर का आपसी मनमुटाव अब पूरी तरह सार्वजनिक हो गया है।
मुख्यमंत्री के सामने हुई थी विधायक की शिकायत, जिलाध्यक्ष ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस
इस अंदरूनी कलह की पृष्ठभूमि कुछ समय पहले ही तैयार हो गई थी। मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान भाजयुमो नेता मनोज साहू ने खुले मंच से विधायक रेणुका सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर सीधे मुख्यमंत्री के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। प्रोटोकॉल और अनुशासन के उल्लंघन के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष ने तत्काल एक्शन लिया था। संगठन विरोधी गतिविधियों को देखते हुए मनोज साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जिसके बाद से ही यह पूरा ऑडियो विवाद सोशल मीडिया पर लीक हुआ।
रेणुका सिंह ने दी सफाई, कहा- बेटे के इलाज के लिए मुंबई में हूं, यह पूरी तरह से फर्जी ऑडियो है
कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद मचे राजनीतिक घमासान पर विधायक रेणुका सिंह ने अपनी तरफ से आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बातचीत को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया। रेणुका सिंह ने बताया कि वह इस समय छत्तीसगढ़ में नहीं हैं, बल्कि अपने बेटे के गंभीर इलाज के सिलसिले में मुंबई के एक अस्पताल में मौजूद हैं। अपने दावों की पुष्टि के लिए उन्होंने अस्पताल से बेटे के इलाज की तस्वीरें भी साझा कीं और कहा कि राजनीति में उनकी साख को नुकसान पहुंचाने के लिए विरोधी इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल कर बनाया गया वॉयस क्लोन, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
विधायक रेणुका सिंह ने इस पूरे मामले को तकनीकी फर्जीवाड़ा करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि वर्तमान दौर में उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग करके उनकी आवाज का क्लोन तैयार किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है बल्कि उसे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार कर फर्जी तरीके से फैलाया जा रहा है। विधायक ने इस संबंध में साइबर पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि इस पूरे ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
कांग्रेस को मिला बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा, भाजपा संगठन ने साधी पूरे मामले पर चुप्पी
इस हाई-प्रोफाइल ऑडियो कांड के सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब सत्ताधारी दल की वरिष्ठ महिला विधायक ही अपनी सरकार की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने इस पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि पुलिस की साइबर सेल और फॉरेंसिक लैब की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस विषय पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहना सही होगा।



