
Dhamtari New Hospital Free Health Test: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में आने वाले समय में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है. स्थानीय जिला अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक सुपर हेल्थ हब के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है. इस पूरी विस्तार योजना पर करीब 38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत नई बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा. इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 250 से बढ़कर सीधे 450 तक पहुंच जाएगी. इससे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
कलेक्टर का जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, अधूरे निर्माण कार्यों को 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश
धमतरी के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बुधवार को जिला अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पताल परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, नए ट्रॉमा सेंटर और नवनिर्मित अटल आरोग्य लैब की जमीनी प्रगति का बारीकी से जायजा लिया. कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि अस्पताल से जुड़े जितने भी निर्माण कार्य अभी अधूरे पड़े हैं, उन्हें आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा कर लिया जाए ताकि आम जनता को तुरंत इनका लाभ मिलना शुरू हो सके.

बेसिक ट्रॉमा यूनिट पहुंचे कलेक्टर, घायल बच्चे का जाना हाल और डॉक्टरों को दिए बेहतर इलाज के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिश्रा बेसिक ट्रॉमा यूनिट के भीतर पहुंचे, जहां उन्होंने इलाज के लिए भर्ती ग्राम पोटियाडीह निवासी 13 साल के बालक लोकेश देवांगन से मुलाकात की और उसका हालचाल जाना. बच्चे ने बताया कि क्रिकेट खेलने के दौरान उसकी आंख में चोट लग गई थी. कलेक्टर ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम को निर्देशित किया कि बच्चे की आंख का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाओं को और अधिक दुरुस्त करने को कहा ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो.
बच्चों के आधार और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश, अस्पताल प्रबंधन को समय पर टीकाकरण की सलाह
अस्पताल के एक अन्य वार्ड में स्टेशन पारा की रहने वाली लक्ष्मी बाई और जानकी बाई अपने छोटे बच्चों को लेकर पहुंची थीं. कलेक्टर ने महिलाओं से बातचीत की और उनके बच्चों का नाम व अस्पताल आने की वजह पूछी. महिलाओं ने बताया कि बच्चों का अब तक जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन सका है, साथ ही उनका नियमित टीकाकरण भी बकाया है. कलेक्टर ने दोनों महिलाओं को बच्चों का समय पर अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने की समझाइश दी और अस्पताल प्रबंधन को मौके पर ही निर्देश दिए कि इन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तुरंत बनवाए जाएं.
अटल आरोग्य हाईटेक लैब में हर दिन होंगी 1000 जांचें, रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था
कलेक्टर ने ट्रॉमा यूनिट के भीतर संचालित अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण किया. ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. आदित्य सिन्हा ने बताया कि इस अत्याधुनिक और पूरी तरह से ऑटोमैटिक लैब में वर्तमान में 94 प्रकार की जांचें की जा रही हैं, जिनकी संख्या जल्द ही बढ़कर 133 हो जाएगी. इस हाईटेक लैब में सीरोलॉजी, हीमेटोलॉजी, हार्मोन एनालाइजर और क्लीनिकल पैथोलॉजी जैसी उन्नत जांचें मरीजों के लिए पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध होंगी. वर्तमान में हर दिन 170 लोगों की जांच हो रही है, जबकि इस लैब की अधिकतम क्षमता प्रतिदिन 1000 जांच करने की है. खास बात यह है कि जांच की रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए भेज दी जाएगी.

छह मंजिला नई बिल्डिंग का होगा निर्माण, ग्राउंड फ्लोर पर रहेगी वाहनों की विशेष पार्किंग व्यवस्था
अस्पताल में लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए परिसर के भीतर ही 200 नए बेड जोड़े जाएंगे. इसके लिए चिन्हित की गई 3316 वर्गफीट भूमि पर एक जी प्लस फाइव (छह मंजिला) भव्य भवन का निर्माण प्रस्तावित है. इस नई बिल्डिंग के 2796 वर्गफीट हिस्से में वास्तविक कंस्ट्रक्शन किया जाएगा. अस्पताल की सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए मुख्य भवन के पीछे एक इमरजेंसी गेट और एक मुख्य प्रवेश द्वार होगा, जबकि निकास के लिए एक अलग से गेट बनाया जाएगा. इसके साथ ही वाहनों के व्यवस्थित खड़े होने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की विशेष व्यवस्था रहेगी.
अस्पताल में तैनात किए गए कई विशेषज्ञ डॉक्टर, लिफ्ट और नए ऑपरेशन थिएटर का काम होगा जल्द पूरा
कलेक्टर मिश्रा ने जानकारी दी कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार देने के लिए अस्पताल में लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना की जा रही है. इसी कड़ी में हाल ही में एक मेडिसिन विशेषज्ञ, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ और दो नए पैथोलॉजिस्ट ने अस्पताल में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी जल्द होने वाली है. कलेक्टर ने बताया कि नई बिल्डिंग में लिफ्ट लगाने, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर (OT) और एमसीएच यूनिट के बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इसे पूर्ण रूप से हाईटेक बनाया जा सके.
साढ़े छह करोड़ के ट्रॉमा सेंटर का दूसरा चरण शुरू, आधुनिक आई हॉस्पिटल और ब्लड बैंक का होगा विस्तार
जिला अस्पताल परिसर में करीब 6.50 करोड़ रुपये की भारी लागत से तैयार किया गया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर अब पूरी तरह से चालू हो चुका है. अब इसके दूसरे चरण के तहत हाईटेक ऑपरेशन थिएटर सहित अन्य लाइफ सेविंग सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं. अस्पताल के आगामी विस्तार प्लान में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई विशेष नई इकाइयां भी जोड़ी जा रही हैं, जिसमें 50 बिस्तरों का विशेष मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, नवजात बच्चों के लिए हाई केयर यूनिट (HCU), 40 बेड का सर्वसुविधायुक्त आई हॉस्पिटल और एक उन्नत ब्लड बैंक शामिल है.
बार-बार लापरवाही करने वाले डॉक्टर पर गिरेगी गाज, सिविल सर्जन को जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
जिला अस्पताल की इस समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने वहां पदस्थ एक डॉक्टर के खिलाफ बार-बार मिल रही लापरवाही की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सिविल सर्जन डॉ. एके टोंडर को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और जल्द से जल्द अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासनिक कार्यालय में प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के बाद यदि डॉक्टर के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध निलंबन जैसी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.



