
घरेलू गैस की किल्लत और डिलीवरी के लिए लंबी कतारों में लगने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। हरियाणा के गुरुग्राम में देश का पहला ‘LPG ATM’ शुरू कर दिया गया है। सेक्टर-33 स्थित सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में स्थापित इस ऑटोमैटिक मशीन के जरिए अब लोग कभी भी अपना खाली सिलेंडर देकर भरा हुआ सिलेंडर ले सकते हैं। यह तकनीक गैस वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति मानी जा रही है क्योंकि इसके लिए न तो बुकिंग का इंतजार करना होगा और न ही एजेंसी के चक्कर काटने पड़ेंगे।
मोबाइल नंबर और OTP का खेल: बेहद आसान है गैस लेने की प्रक्रिया
इस मशीन से सिलेंडर प्राप्त करने का तरीका बिल्कुल किसी बैंक के एटीएम की तरह ही सरल है। उपभोक्ताओं को लंबी चौड़ी कागजी कार्रवाई से गुजरने की जरूरत नहीं है। गैस लेने के लिए व्यक्ति को मशीन के पास जाकर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आता है, जिसे मशीन में डालते ही पहचान सत्यापित हो जाती है। यह प्रक्रिया सुरक्षित और तेज है, जिससे कुछ ही मिनटों में काम पूरा हो जाता है।
डिजिटल पेमेंट की सुविधा: UPI और कार्ड से तुरंत करें भुगतान
एक बार पहचान सत्यापित होने के बाद भुगतान की बारी आती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार यूपीआई (UPI), क्यूआर कोड स्कैन या डेबिट/क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसे दे सकते हैं। जैसे ही पेमेंट सफल होता है, मशीन का दरवाजा खुलता है और उपभोक्ता को एक भरा हुआ सिलेंडर मिल जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती, जिससे भ्रष्टाचार या एक्स्ट्रा चार्ज लेने की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
स्मार्ट इन्वेंट्री सिस्टम: कभी खत्म नहीं होगा सिलेंडर का स्टॉक
इस एलपीजी एटीएम की एक बड़ी खासियत इसका स्मार्ट मैनेजमेंट सिस्टम है। मशीन के भीतर एक समय में लगभग 10 सिलेंडर रखने की क्षमता है। जैसे ही सिलेंडर की संख्या कम होकर दो तक पहुंचती है, मशीन का सेंसर तुरंत संबंधित गैस एजेंसी को सिग्नल भेज देता है। इसके बाद एजेंसी के कर्मचारी आकर मशीन को फिर से फुल कर देते हैं। इस ऑटोमैटिक रिफिलिंग तकनीक की वजह से यह सुविधा 24 घंटे बिना रुके चालू रहती है।
लोहे के नहीं, मिलेंगे हल्के कॉम्पोजिट सिलेंडर
इस मशीन में पारंपरिक भारी लोहे के सिलेंडरों के बजाय आधुनिक ‘कॉम्पोजिट सिलेंडर’ (Composite Cylinders) रखे गए हैं। ये सिलेंडर कई मायनों में पुराने सिलेंडरों से बेहतर हैं। कॉम्पोजिट सिलेंडर का वजन केवल 15 किलोग्राम के आसपास होता है, जिससे इन्हें घर ले जाना और मशीन में रखना काफी आसान है। ये दिखने में पारदर्शी होते हैं, जिससे उपभोक्ता यह देख सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है और उन्हें पूरी गैस मिली है या नहीं।
सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं: ब्लास्ट प्रूफ तकनीक से लैस
गैस सिलेंडर को लेकर अक्सर सुरक्षा की चिंता बनी रहती है, लेकिन एलपीजी एटीएम में इस्तेमाल होने वाले कॉम्पोजिट सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये सिलेंडर ‘ब्लास्ट प्रूफ’ होते हैं, यानी आग लगने की स्थिति में भी इनमें विस्फोट नहीं होता। साथ ही, एटीएम मशीन को भी फायर-सेफ्टी मानकों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यह तकनीक शहरी इलाकों और अपार्टमेंट्स के लिए एक वरदान साबित हो सकती है जहां लोगों के पास समय की कमी होती है।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता: जल्द पूरे देश में शुरू होगा विस्तार
फिलहाल गुरुग्राम में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है ताकि इसकी कार्यक्षमता को परखा जा सके। यदि यह मॉडल सफल रहता है और उपभोक्ताओं का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो सरकार इसे देश के अन्य बड़े शहरों और मेट्रो स्टेशनों के पास भी स्थापित करने की योजना बना रही है। इससे उन कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो दिन भर काम पर रहते हैं और गैस की होम डिलीवरी के समय घर पर मौजूद नहीं रह पाते।
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