
दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जांजगिरी में एक मुस्लिम महिला के अंतिम संस्कार को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजन शव को गांव की ही एक निजी जमीन पर दफनाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी खबर मिलते ही दूसरे पक्ष के लोगों और कुछ संगठनों ने आपत्ति जताते हुए काम रोक दिया। देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ गया कि गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को बुलाकर काफी देर तक बातचीत की। पुलिस की मौजूदगी में घंटों चली समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। प्रशासन की मध्यस्थता के चलते दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए स्थान बदलने का फैसला लिया गया। इसके बाद प्रशासन की निगरानी में दूसरे स्थान पर महिला का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
स्थायी कब्रिस्तान की मांग ने पकड़ा जोर
इस घटना के बाद मुस्लिम समाज ने गांव में स्थायी कब्रिस्तान की कमी का मुद्दा उठाया है। समाज के लोगों का कहना है कि उचित जगह न होने के कारण अक्सर इस तरह की परेशानियां खड़ी होती हैं। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए आवंटित जमीन पर जल्द से जल्द कब्रिस्तान की व्यवस्था करने की मांग की है। फिलहाल जांजगिरी गांव में शांति है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
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