
Mahtari Vandan Yojana KYC Update: छत्तीसगढ़ की विवाहित महिलाओं के लिए संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ की अगली किस्तों को लेकर इन दिनों प्रदेश में हलचल तेज है। शासन की ओर से हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के विभिन्न केंद्रों पर महिलाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान सबसे बड़ी समस्या नाम की स्पेलिंग में आ रही है। आधार कार्ड और आवेदन फॉर्म में दर्ज नाम के अक्षरों में थोड़ा भी अंतर होने से महिलाएं चिंतित हैं कि कहीं उनकी आने वाली किस्तें रुक न जाएं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सत्यापन प्रक्रिया है और घबराने की जरूरत नहीं है।
जून तक का समय, केंद्रों पर उमड़ रही महिलाओं की भीड़
महतारी वंदन योजना के तहत केवाईसी की प्रक्रिया जून माह तक चलेगी। रायपुर के चॉइस सेंटरों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सुबह से ही महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करती नजर आ रही हैं। भीषण गर्मी के बावजूद हितग्राही यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनका डेटा पोर्टल पर अपडेट हो जाए। चॉइस सेंटरों पर ऑपरेटर उन नंबरों की जांच कर रहे हैं जो पोर्टल पर उपलब्ध हैं। जिन महिलाओं के नाम सूची में नहीं मिल रहे हैं या जिनके डेटा में तकनीकी खामी है, उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
स्पेलिंग मिस्टेक बनी सिरदर्द, 40 फीसदी महिलाओं को समस्या
जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में सामने आया है कि लगभग 30 से 40 फीसदी महिलाओं के नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी है। भाटागांव और लाखे नगर जैसे इलाकों के चॉइस सेंटर ऑपरेटरों का कहना है कि 10 में से कम से कम 4 आवेदनों में आधार कार्ड और पोर्टल के नाम मेल नहीं खा रहे हैं। कहीं नाम के पीछे लगे सरनेम में अंतर है, तो कहीं अंग्रेजी के अक्षरों की वजह से सिस्टम केवाईसी स्वीकार नहीं कर रहा है। ऐसे मामलों में महिलाओं को वापस आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सुधार करवाने को कहा जा रहा है।
ऑनलाइन फॉर्म भरते समय हुई त्रुटियों का पड़ रहा असर
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना की शुरुआत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने खुद या साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरे थे। उस दौरान जल्दबाजी में या टाइपिंग की गलती की वजह से स्पेलिंग में बदलाव हो गया। अब केवाईसी के समय जब डेटा को आधार से लिंक किया जा रहा है, तो यह विसंगति सामने आ रही है। अधिकारियों का मानना है कि चूंकि यह प्रक्रिया जून तक खुली है, इसलिए महिलाओं के पास सुधार करवाने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है।
पैनिक न हों महिलाएं, सुधार के लिए आंगनबाड़ी है विकल्प
विभाग की विकास अधिकारी शैल ठाकुर ने महिलाओं को आश्वस्त किया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी का नाम काटना नहीं है। ई-केवाईसी एक सामान्य विभागीय प्रक्रिया है जो सभी सरकारी योजनाओं में समय-समय पर की जाती है। यदि चॉइस सेंटर पर स्पेलिंग मिसमैच की वजह से केवाईसी नहीं हो पा रहा है, तो महिलाएं अपने आधार कार्ड की कॉपी लेकर नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र जा सकती हैं। वहां कार्यकर्ता के माध्यम से रिकॉर्ड में सुधार किया जा सकेगा, जिससे उनकी पात्रता बनी रहेगी और किस्तें समय पर मिलती रहेंगी।
केवाईसी प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| अंतिम तिथि | जून 2026 के अंत तक |
| अनिवार्य दस्तावेज | आधार कार्ड और महतारी वंदन पंजीयन नंबर |
| सुधार का स्थान | नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या चॉइस सेंटर |
| समस्या का समाधान | नाम में त्रुटि होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें |
| किस्त की स्थिति | पात्र हितग्राहियों की राशि बंद नहीं की जाएगी |
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