पुलिस ग्राउंड में साइकिल चला रही नाबालिग से आरक्षक ने की छेड़छाड़: विरोध करने पर पकड़ा हाथ, फिर…

पुलिस का काम आम लोगों को सुरक्षा देना है मगर जब वर्दीवाला ही दरिंदा बन जाए तो भरोसा किस पर करें। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पुलिस ग्राउंड में एक ऐसी ही वारदात हुई है जिसने खाकी को शर्मसार कर दिया है। यहां एक नाबालिग बच्ची साइकिल चलाने आई थी जिसे पुलिस लाइन में ही तैनात आरक्षक दिलीप रौतिया ने अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। जिसे शहर की सबसे सुरक्षित जगहों में गिना जाता है वहां एक पुलिसकर्मी की इस हरकत ने पूरे विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीछा किया और फिर हाथ पकड़ा

घटना के वक्त नाबालिग छात्रा पुलिस ग्राउंड में अपनी साइकिलिंग की प्रैक्टिस कर रही थी। वहां सन्नाटा था और बच्ची को लगा कि पुलिस लाइन होने की वजह से वह सुरक्षित है। आरोपी आरक्षक दिलीप रौतिया की नजर उस पर पड़ी तो उसकी नीयत खराब हो गई। उसने पहले बच्ची का पीछा करना शुरू किया। छात्रा ने उसे नजरअंदाज कर वहां से हटने की कोशिश की मगर आरक्षक का हौसला बढ़ता गया। उसने वर्दी की धौंस और मौके का फायदा उठाकर छात्रा को रोक लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा।

थाने पहुंचकर सुनाई आपबीती

अचानक हुए इस हमले से छात्रा घबरा गई लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने किसी तरह खुद को आरक्षक की पकड़ से छुड़ाया और वहां से भाग निकली। वह डरी हुई थी लेकिन चुप रहने के बजाय उसने सीधा सिविल लाइन थाने जाने का फैसला किया। वहां पहुंचकर उसने पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना बताई। छात्रा ने लिखित शिकायत में बताया कि कैसे अभ्यास के दौरान एक पुलिसवाले ने ही उसे घेर लिया और गंदी हरकतें कीं।

पॉक्सो एक्ट लगा और जेल गया

मामला खुद पुलिस विभाग के कर्मचारी से जुड़ा था इसलिए सिविल लाइन पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी दिलीप रौतिया के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जरा भी वक्त गंवाए बिना आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे सीधा जेल भेज दिया गया है।

सुरक्षित जगह पर उठे सवाल

इस घटना ने पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिस परिसर को अनुशासन और कानून का गढ़ माना जाता है वहां भी एक नाबालिग सुरक्षित नहीं है। स्थानीय लोगों में इस वारदात को लेकर काफी गुस्सा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर पुलिस ग्राउंड के अंदर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो बाकी शहर का क्या हाल होगा। विभाग ने आरोपी पर त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अपराधी चाहे कोई भी हो कानून उस पर अपना काम करेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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