
Kawardha Police: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले में आज पुलिस का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ऊर्जा बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील के बाद जिला पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। मंगलवार की सुबह जब पुलिस अधीक्षक (एसपी) धर्मेंद्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पुष्पेंद्र सिंह बघेल अपनी सरकारी गाड़ियों के बजाय साइकिल से दफ्तर पहुंचे, तो हर कोई उन्हें देखता रह गया। खाकी वर्दी में अधिकारियों को साइकिल चलाते देख न केवल पुलिस महकमा बल्कि आम नागरिक भी प्रेरित नजर आए।
छोटी आदतों से बड़े बदलाव की कोशिश
Kawardha Police Cycle To Office Energy Conservation: एसपी धर्मेंद्र सिंह ने इस पहल के जरिए संदेश दिया कि यदि हम अपनी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें, तो इससे न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना सेहत के लिए तो अच्छा है ही, साथ ही यह ईंधन बचाने का भी सबसे प्रभावी तरीका है। इस अभियान में उप पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। कबीरधाम पुलिस का यह कदम अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या की है अपील?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात के वडोदरा में एक जनसभा के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कुछ कड़े लेकिन जरूरी सुझाव दिए थे। उन्होंने बढ़ते आयात बिल को कम करने के लिए लोगों से पेट्रोल और डीजल का उपभोग घटाने का आग्रह किया था। पीएम ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, वहां लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’, ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल मीटिंग जैसे विकल्पों को अपनाएं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बसों और कार पूलिंग के इस्तेमाल पर भी जोर दिया ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
संसाधनों पर बोझ कम करने की सामूहिक जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर चिंता जताई थी कि भारत को ईंधन आयात करने के लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि संकट के इस समय में सभी को एकजुट होकर संसाधनों पर पड़ रहे बोझ को कम करना चाहिए। पीएम ने यहां तक सुझाव दिया कि स्थिति सामान्य होने तक लोग सोने की खरीदारी से भी बचें ताकि देश का पैसा बाहर न जाए। कवर्धा पुलिस की इस पहल को इसी राष्ट्रीय मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसका मकसद जनता के बीच जागरूकता फैलाना है।
स्वास्थ्य और प्रकृति के लिए बेहतर विकल्प
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से समाज में एक अच्छा संदेश जाता है। जब विभाग के बड़े अधिकारी खुद साइकिल जैसे साधारण साधनों का उपयोग करते हैं, तो आम जनता भी उसे अपनाने में संकोच नहीं करती। कबीरधाम पुलिस की यह कवायद यह बताने के लिए काफी है कि पर्यावरण संरक्षण केवल किताबों या भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यक्तिगत जीवन में उतारने की जरूरत है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य विभागों में भी इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



