Balod SDM Fake Permission Case: बोर खनन के लिए बनाया SDM का जाली लेटर, आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश

Balod SDM Fake Permission Case: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुंडरदेही इलाके में एक व्यक्ति ने बोर खनन की अनुमति पाने के लिए सीधे एसडीएम के नाम का ही फर्जी पत्र तैयार कर लिया। इस जाली दस्तावेज को असली दिखाने के लिए आरोपी ने सरकारी कार्यालय की नकली सील, फर्जी हस्ताक्षर और आवक-जावक नंबर तक का इस्तेमाल किया ताकि किसी को शक न हो। मामले का खुलासा होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।

एसडीएम की फर्जी सील और हस्ताक्षर से बनाया जाली दस्तावेज

गुंडरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे को जब इस संदिग्ध पत्र की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत इसकी जांच करवाई। जांच में पाया गया कि पत्र पर मौजूद न तो सील उनके कार्यालय की है और न ही उस पर किए गए हस्ताक्षर असली हैं। आरोपी जनक लाल साहू ने प्रशासन को गुमराह करने के लिए हूबहू सरकारी फॉर्मेट जैसा दिखने वाला कागज तैयार किया था। एसडीएम ने इसे पद का दुरुपयोग और जालसाजी मानते हुए तत्काल थाने में मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी साख से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

बोर खनन पर पाबंदी के चलते युवक ने अपनाया गलत रास्ता

राज्य शासन ने जल स्तर को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति के किसी भी तरह के बोर खनन पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है। नियम के अनुसार बहुत जरूरी होने पर ही एसडीएम कार्यालय से इसकी मंजूरी मिलती है और अनुमति देने से पहले विभाग यह बारीकी से जांच करता है कि संबंधित जगह पर बोर की जरूरत है भी या नहीं। इसी कठिन प्रक्रिया और जांच से बचने के लिए आरोपी जनक लाल साहू ने 5 अप्रैल की तारीख का एक फर्जी अनुमति पत्र तैयार किया। इस जाली कागज के सहारे उसने नियमों को ताक पर रखकर बोर खनन का काम भी पूरा करवा लिया।

प्रशासन अलर्ट और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश

इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालय ने पुलिस को एफआईआर के लिए आवेदन दे दिया है। पुलिस अब आरोपी जनक लाल साहू की तलाश कर रही है जिसने प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक माध्यम से ही दस्तावेजों की सत्यता की जांच करें। इस घटना के बाद बालोद जिले के अन्य विभागों को भी अपने सील और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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