
रायपुर: साइंस कॉलेज मैदान पर स्थित चौपाटी को हटाने के लिए शनिवार की सुबह तड़के नगर निगम का अमला भारी दल-बल के साथ पहुँच गया। निगम ने बिना किसी देरी के चौपाटी की दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके कारण वहाँ अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निगम की इस अचानक कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में तीखा आक्रोश फैल गया।
विरोध प्रदर्शन और बवाल: JOB के सामने लेटे पूर्व विधायक
नगर निगम की कार्रवाई शुरू होते ही पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और उनके साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए। उन्होंने निगम की कार्रवाई का जमकर विरोध शुरू कर दिया। विरोध इतना तीखा था कि पूर्व विधायक और उनके समर्थक जेसीबी (JCB) मशीन के सामने लेट गए, ताकि दुकानों को तोड़ा न जा सके। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार झूमा झटकी भी हुई।

पुलिस ने विकास उपाध्याय और कांग्रेस समर्थकों को लिया हिरासत में
चौपाटी व्यापारियों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और उनके समर्थकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक वहाँ से हटाया और हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद सभी कांग्रेसजनों को जेल परिसर में भिजवा दिया गया, जिसके बाद निगम का अमला अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा सका।
कार्रवाई से पहले रात भर चला था धरना
नगर निगम द्वारा तड़के सुबह कार्रवाई शुरू करने से पहले ही पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और चौपाटी के व्यापारी रात भर धरने पर बैठे हुए थे। व्यापारियों को पहले ही आशंका थी कि निगम किसी भी वक्त अचानक कार्रवाई कर सकता है, इसलिए उन्होंने रात भर चौपाटी स्थल पर डेरा डालकर अपना विरोध दर्ज कराया था।

शिफ्टिंग की प्रस्तावित जगह पर विवाद
इस पूरे विरोध का एक मूल मुद्दा यह भी है कि नगर निगम द्वारा चौपाटी को जहाँ शिफ्ट करने का प्रस्ताव है, वह जगह भी विवादों में घिरी हुई है। आमानाका के पास जिस जमीन पर चौपाटी को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है, वह जमीन रेलवे विभाग की संपत्ति है।

रेलवे की जमीन पर पहले ही लग चुका है नोटिस
आमानाका की जिस जमीन को निगम चौपाटी के लिए अस्थायी ठिकाना बता रहा है, उस पर रेलवे विभाग ने पहले से ही अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। विरोध कर रहे व्यापारियों और कांग्रेसियों का कहना है कि जब शिफ्टिंग की जगह ही सुरक्षित नहीं है और वह भी रेलवे की जमीन है, तो चौपाटी को वहाँ कैसे ले जाया जा सकता है।
“किसी भी कीमत पर नहीं हटने देंगे चौपाटी”: विकास उपाध्याय का बयान
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी कीमत पर चौपाटी को साइंस कॉलेज मैदान से नहीं हटने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब और छोटे व्यापारियों के हितों को नजरअंदाज कर रही है। उनके इस आक्रामक रुख के कारण ही उन्होंने और उनके समर्थकों ने जेसीबी के सामने लेटकर अपनी गिरफ्तारी दी।



