
Petrol Diesel Price Hike: देशभर के मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों के लिए आज सुबह-सुबह एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया है। मंगलवार सुबह जारी की गई नई दरों के मुताबिक, ईंधन के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से आम नागरिकों के मासिक बजट का बिगड़ना तय माना जा रहा है।
एक ही हफ्ते के भीतर ईंधन की दरों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी, शुक्रवार को भी बढ़े थे दाम
देश की जनता के लिए यह दोहरा झटका है क्योंकि एक सप्ताह के भीतर ही तेल कंपनियों ने दूसरी बार ईंधन महंगा किया है। इससे पहले बीते शुक्रवार, 15 मई को भी कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त भारी बढ़ोतरी की थी। उस बड़े झटके के बाद लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि पांच दिन बीतते-न बीतते मंगलवार को दोबारा कीमतें बढ़ा दी गईं। महज पांच दिनों के भीतर कुल मिलाकर ईंधन करीब 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है, जिससे वाहन चालकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का उतार-चढ़ाव और मिडल ईस्ट में तनाव बना मुख्य कारण
ईंधन की कीमतों में आ रहे इस भारी उछाल के पीछे वैश्विक परिस्थितियों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है और प्रति बैरल दाम ऊंचे स्तर पर चल रहे हैं। इसके साथ ही, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के देशों में बढ़ता सैन्य तनाव और भू-राजनीतिक संकट भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर रहा है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हलचल का सीधा असर सीधे घरेलू बाजार पर देखने को मिलता है।
परिवहन खर्च बढ़ने से फल-सब्जी और राशन भी होंगे महंगे, महंगाई बढ़ने की आशंका
पेट्रोल और डीजल के दाम केवल वाहन चलाने वालों को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि इसका सीधा संबंध देश की पूरी अर्थव्यवस्था से होता है। डीजल महंगा होने के कारण मालवाहक ट्रकों और कमर्शियल वाहनों का परिचालन खर्च तुरंत बढ़ जाता है। परिवहन लागत में इस इजाफे के चलते आने वाले दिनों में फल, हरी सब्जियां, दूध और रोजमर्रा के राशन समेत अन्य जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है। इससे बाजार में चौतरफा महंगाई पैर पसार सकती है।
सुबह 6 बजे से लागू हो गईं नई दरें, डीलर्स एसोसिएशन ने आम जनता से की धैर्य रखने की अपील
पेट्रोलियम कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर मंगलवार सुबह 6 बजे से ही नई बढ़ी हुई कीमतें पूरी तरह प्रभावी हो चुकी हैं। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि खुदरा दरों में बदलाव पूरी तरह से तेल कंपनियों के नियंत्रण में होता है और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर, रायपुर समेत देश के विभिन्न शहरों के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार को टैक्स में कटौती करके आम जनता को इस चौतरफा बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत जरूर देनी चाहिए।



