छत्तीसगढ़ कांग्रेस में 36 नेताओं की ‘घर वापसी’ तय, क्या फिर ‘हाथ’ थामेंगे अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह?

CG Congress Politics Update: छत्तीसगढ़ में विधानसभा और नगरीय निकाय चुनावों के दौरान अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाले नेताओं के दिन बहुरने के संकेत मिल रहे हैं। राजधानी रायपुर के राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी से बाहर किए गए नेताओं की तरफ से मिले 36 आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति ने कुछ मामलों में पुरानी कार्रवाई को समाप्त करने पर रजामंदी जताई है, जबकि कई प्रकरणों को आगामी बैठकों के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में हुई अहम बैठक

Raipur Rajiv Bhavan Meeting: यह पूरी चर्चा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की देखरेख और उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के दौरान पिछले चुनावों के वक्त हुई सांगठनिक कार्रवाइयों की समीक्षा की गई। अनुशासन समिति के सदस्यों ने सभी आवेदनों पर बारी-बारी से बात की। पार्टी का मानना है कि संगठन को मजबूत करने और पुराने साथियों को साथ जोड़ने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाने जरूरी हैं, ताकि आगामी राजनीतिक रणनीतियों को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाया जा सके।

अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी पर अभी तक फैसला नहीं

Brihaspati Singh Amit Jogi Congress Return: चर्चा के दौरान सबसे ज्यादा नजरें अमित जोगी के प्रकरण पर टिकी हुई थीं। समिति ने उनके मामले पर बातचीत तो की, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। रिपोर्ट्स के अनुसार अमित जोगी का मामला फिलहाल विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है। अनुशासन समिति के प्रमुख धनेंद्र साहू के मुताबिक इस विषय पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और आगे की परिस्थितियों के आधार पर ही इस पर विचार किया जाएगा।

रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह के मामलों पर भी बना हुआ है सस्पेंस

Chhattisgarh Politics Update: अमित जोगी की तरह ही रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह की वापसी को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। हालांकि इन दोनों दिग्गजों के नामों पर बैठक के दौरान चर्चा होने की बात सामने आई है, मगर पार्टी की तरफ से कोई स्पष्ट और अंतिम सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक गलियारों में इन चेहरों की वापसी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने फिलहाल इनके मामलों पर पत्ते नहीं खोले हैं।

सार्वजनिक बयानबाजी पर पार्टी ने दिए अनुशासन के कड़े संकेत

बैठक में केवल वापसी के आवेदनों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि अनुशासनहीनता के मामलों पर भी सख्ती दिखाई गई। पार्टी ने साफ कर दिया है कि संगठन विरोधी गतिविधियों और खुलेआम बयानबाजी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीडिया या अन्य मंचों के जरिए पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों पर अभी निर्णय नहीं हुआ है, उन पर अगले दो महीनों के भीतर होने वाली अगली बैठक में विचार किया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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