
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। आगामी 22 फरवरी को आयोजित होने वाले इस इवेंट के खिलाफ बजरंग दल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया है कि वे इस कार्यक्रम को राजधानी की धरती पर सफल नहीं होने देंगे। इस विरोध के बाद आयोजकों की चिंता बढ़ गई है और शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बजरंग दल की आयोजकों को सीधी चेतावनी
बजरंग दल के जिला संयोजक रवि वाधवानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर आयोजकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा है कि रायपुर में अश्लीलता फैलाने वाले कार्यक्रमों के लिए कोई जगह नहीं है। वाधवानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि जो लोग इस तरह के आयोजन की योजना बना रहे हैं, उन्हें अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। संगठन का तर्क है कि ऐसे आयोजनों से समाज में गलत संदेश जाता है और युवा पीढ़ी पर बुरा असर पड़ता है।
सांस्कृतिक मूल्यों का दिया हवाला
विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है और यह एक अत्यंत पवित्र भूमि है। बजरंग दल के मुताबिक, सनी लियोनी जैसे कलाकारों को बुलाना भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। संगठन का आरोप है कि आयोजक केवल निजी मुनाफे के लिए राज्य के शांत माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।
पुराने आयोजनों को लेकर भी जताई नाराजगी
संगठन के पदाधिकारियों ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में गरियाबंद और अन्य स्थानों पर हुए इसी तरह के कार्यक्रमों ने प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। बजरंग दल के प्रांत गौ रक्षक प्रमुख रवि वाधवानी का कहना है कि वे किसी भी सूरत में रायपुर में यह कार्यक्रम नहीं होने देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल पैसा कमाना ही आयोजकों का एकमात्र उद्देश्य रह गया है? संगठन ने प्रशासन से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन की बढ़ी चुनौतियां
22 फरवरी के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुए इस विवाद ने सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर जहां आयोजक इसे एक मनोरंजन कार्यक्रम के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारी विरोध की संभावना को देखते हुए कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा भी बना हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आयोजक अपने कदम पीछे हटाएंगे या फिर पुलिस की सुरक्षा के बीच यह आयोजन संपन्न होगा।



