
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जेईई मेन (JEE Main) की परीक्षा के दौरान नकल की एक ऐसी कोशिश सामने आई है जिसने सुरक्षा अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पुरानी भिलाई स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग मैनेजमेंट कॉलेज में एक छात्र अपनी चप्पल के तलवे के भीतर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र में घुस गया। हालांकि, वह अपनी चालाकी में ज्यादा देर सफल नहीं हो सका और सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं।
गेट पर चली ‘स्मार्ट’ चाल: चेकिंग से बचने के लिए उतार दी थी चप्पल
गुरुवार सुबह जब परीक्षा शुरू होने का समय हुआ, तब आरोपी छात्र आदित्य परीक्षा केंद्र पहुंचा। मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की जा रही थी। पकड़े जाने के डर से छात्र ने गेट पर पहुंचते ही बड़ी चतुराई से अपनी चप्पलें उतार दीं और बिना चप्पल पहने चेकिंग कराई। सुरक्षाकर्मियों को लगा कि शायद वह धार्मिक कारणों या सहजता के लिए ऐसा कर रहा है। बिना किसी धातु के संपर्क में आए वह आसानी से अंदर प्रवेश कर गया और अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर पर्चा हल करने लगा।
वॉशरूम का बहाना और 20 मिनट का सस्पेंस: दोबारा चेकिंग में भी दिया चकमा
परीक्षा शुरू होने के करीब दो घंटे बाद, सुबह 11:08 बजे छात्र ने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी। वह करीब 20 मिनट तक लैब से बाहर रहा। वापस लौटते समय नियम के मुताबिक उसकी दोबारा तलाशी ली जानी थी। इस बार भी उसने वही पुराना पैंतरा आजमाया और चप्पल उतारकर किनारे रख दी। जांच के दौरान उसके शरीर से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसके बाद उसे अंदर जाने की इजाजत दे दी गई। उसे लगा कि वह दूसरी बार भी सुरक्षा घेरे को तोड़ने में कामयाब रहा है।
गार्ड की पैनी नजर: संदिग्ध चाल ने खोल दी नकलची की पोल
जैसे ही छात्र अपनी चप्पल पहनकर वापस लैब की ओर बढ़ा, वहां तैनात गार्ड ओमेंद्र कुमार की नजर उसकी चाल पर पड़ी। छात्र सामान्य रूप से चलने के बजाय अपनी चप्पल को जमीन पर घसीटते हुए अजीब तरीके से चल रहा था। गार्ड को उसकी यह हरकत असामान्य लगी और उसे कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ। ओमेंद्र ने तुरंत उसे रोका और दोबारा सघन तलाशी शुरू की। इस बार गार्ड का पूरा ध्यान छात्र के पैरों और उसकी चप्पलों पर था।
चप्पल के भीतर ‘सीक्रेट केबिन’: तलवे को काटकर बनाया गया था मोबाइल होल्डर
जब गार्ड ने छात्र की चप्पलों को हाथ में लेकर बारीकी से जांचा, तो वह भी दंग रह गया। छात्र ने अपनी चप्पल के मोटे तलवे को बीच से बड़ी सफाई से काटकर खोखला कर दिया था। उस खाली जगह के अंदर एक मोबाइल फोन को फिट किया गया था। चप्पल पहनने पर वह फोन पूरी तरह छिप जाता था और बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगती थी। इस सीक्रेट जगह का इस्तेमाल वह इंटरनेट के जरिए सवालों के जवाब खोजने के लिए करने वाला था।
परीक्षा प्रबंधन अलर्ट: अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जब्त किया सामान
चप्पल से मोबाइल निकलते ही परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी जानकारी परीक्षा नियंत्रक और उच्च अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मोबाइल को जब्त कर लिया और छात्र का परीक्षा फॉर्म निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की। शुरुआती पूछताछ में छात्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी और आरोपी को उनके हवाले कर दिया।
जेल की दहलीज तक पहुंचा मामला: सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज
भिलाई पुलिस ने आरोपी छात्र आदित्य के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मोबाइल के डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि परीक्षा के दौरान वह किसके संपर्क में था और उसे बाहर से कौन जवाब भेज रहा था। दुर्ग पुलिस ने साफ किया है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल आरोपी छात्र से पूछताछ जारी है।



