
Dhamtari ACB Raid Lakesh Sahu Arrest: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. धमतरी जिले के जल संसाधन (सिंचाई) विभाग के अंतर्गत आने वाले विद्युत यांत्रिकी (ई एंड एम) उपसंभाग गंगरेल में पदस्थ एक कर्मचारी को एसीबी की टीम ने बुधवार को एक लाख रुपये की मोटी घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. आरोपी कर्मचारी का नाम लकेश साहू है, जो मूल रूप से प्रोग्रेस मैन के पद पर तैनात है लेकिन विभागीय स्तर पर उसके पास लिपिकीय (बाबू) कार्यों का भी प्रभार था. इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद पूरे दफ्तर और सिंचाई विभाग के अमले में हड़कंप मच गया है.

ग्रेच्युटी राशि के भुगतान के एवज में बाबू ने शिकायतकर्ता से मांगी थी भारी-भरकम रकम
यह पूरा मामला एक दिवंगत शासकीय कर्मचारी के परिजनों को मिलने वाले हितलाभों की फाइलों को आगे बढ़ाने से जुड़ा हुआ है. शिकायतकर्ता खुमान सिंह ने एसीबी के रायपुर कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता की मृत्यु के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े अन्य देयकों के भुगतान की फाइल को बाबू लकेश साहू ने अटका कर रखा हुआ है. खुमान सिंह का आरोप था कि जब उसने फाइल को आगे बढ़ाने और राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया, तो आरोपी बाबू ने इसके एवज में साफ तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की.
एसीबी की टीम ने किया शिकायत का गोपनीय सत्यापन, आरोपी को दबोचने के लिए बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और सबसे पहले एक विशेष टीम भेजकर शिकायत की सत्यता की जांच कराई. शुरुआती जांच और गुप्त सत्यापन में जब यह स्पष्ट हो गया कि बाबू वास्तव में काम के बदले पैसे की मांग कर रहा है, तो अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया. तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता खुमान सिंह को केमिकल युक्त नोटों की गड्डियां दी गईं और उसे आरोपी कर्मचारी से संपर्क साधकर पैसे देने के लिए राजी करने को कहा गया.
कर्मा नगर स्थित अपने निजी आवास पर ली घूस, नोट हाथ में थामते ही सतर्क टीम ने मारा छापा
बुधवार को तय सौदे के मुताबिक आरोपी बाबू लकेश साहू ने शिकायतकर्ता को दफ्तर में पैसे लेने के बजाय धमतरी के कर्मा नगर स्थित अपने निजी मकान पर बुलाया. खुमान सिंह जैसे ही उसके घर पहुंचा और उसने 50-50 हजार रुपये के दो बंडल आरोपी के हाथ में सौंपे, वैसे ही घर के आसपास सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने तत्काल भीतर दबिश दे दी. टीम ने मौके पर ही लकेश साहू को दबोच लिया और जब उसके हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए गए, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई.

धमतरी शासकीय विश्राम गृह में हुई प्रारंभिक पूछताछ, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
कार्रवाई के तुरंत बाद एसीबी के अधिकारी आरोपी कर्मचारी और जब्त की गई एक लाख रुपये की रकम को लेकर धमतरी के शासकीय विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) पहुंचे. वहां बंद कमरे में आरोपी से लंबी पूछताछ की गई और घटना के संबंध में आवश्यक कागजी पंचनामा तैयार किया गया. एसीबी ने आरोपी लकेश साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के सभी कानूनी पहलुओं को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें.
विशेष रिमांड पर जेल भेजने की हो रही तैयारी, विभाग के अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी होगी जांच
एसीबी की इस औचक दबिश से गंगरेल और धमतरी के सिंचाई व विद्युत यांत्रिकी विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी भारी डर का माहौल है. कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को विशेष अदालत के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. एसीबी के सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम इस बात का भी पता लगा रही है कि इस रिश्वत कांड में क्या दफ्तर के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या बाबू भी शामिल थे, या फिर लकेश साहू अकेले ही अपने स्तर पर फाइलों को रोकने और पास करने का यह खेल खेल रहा था.



