CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें पीडब्ल्यूडी मंत्री के जिले में स्लैब गिरने पर जांच की मांग, डोंगरगढ़ फोरलेन पर किसानों का हंगामा, कवर्धा में गौ सेवा अध्यक्ष पर हमला, रायपुर में बर्ड हिट से टला विमान हादसा, हाईकोर्ट से भूपेश बघेल को झटका, रविशंकर यूनिवर्सिटी के 50 लाख फंड पर सवाल, बलौदाबाजार की महिलाओं ने संभाली जंगल की कमान, नारायणपुर में धर्मांतरण पर चक्काजाम का एलान, आईआईटी भिलाई का फ्रांस से ऐतिहासिक करार और बालोद शिक्षा विभाग द्वारा बार कुर्सियां खरीदने पर मचा बवाल समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले में गिरा निर्माणाधीन स्लैब, वीडियो वायरल होने पर जांच की मांग

मुंगेली। लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक सड़क और पहुंच मार्ग परियोजना में बड़ी गड़बड़ी की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें एक निर्माणाधीन स्लैब को भरभराकर गिरते हुए देखा जा सकता है। मामला सीधे पीडब्ल्यूडी मंत्री और प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव के गृह जिले से जुड़ा है, जिसके चलते अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। यह पूरा मामला बिलासपुर संभाग के अंतर्गत मोतिपुर (अमरटापू) मंदिर के दोनों तरफ पहुंच मार्ग निर्माण से जुड़ा है। करीब 1.10 किलोमीटर लंबी इस सड़क का ठेका कांति कंस्ट्रक्शन को मिला हुआ है, जिसका कार्यादेश 12 नवंबर 2024 को जारी हुआ था। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी बिलासपुर संभाग के इंजीनियरों पर थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना दो दिन पुरानी है और विभाग ने रातों-रात मलबे को साफ कर मामले को दबाने का प्रयास किया। इस मामले में कार्यपालन अभियंता एसके सतपति ने बताया कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ नोटिस देना काफी नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

डोंगरगढ़ में 55 करोड़ की फोरलेन परियोजना पर विवाद, किसान बोले- जमीन चयन का आधार बताएं

डोंगरगढ़। शहर में 55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 8 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पथ फोरलेन परियोजना विवादों में आ गई है। जिला प्रशासन जहां इसे क्षेत्र के विकास के लिए बड़ा कदम बता रहा है, वहीं प्रभावित किसान भूमि चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि आपत्ति दर्ज कराने के बाद भी उनकी चिंताओं पर प्रशासन की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। अब यह मामला दुर्ग संभाग के कमिश्नर तक पहुंच गया है। किसानों के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग का करीब 4.475 किलोमीटर हिस्सा सरकारी जमीन पर बनना है, जबकि बाकी हिस्से के लिए निजी जमीन ली जा रही है। प्रभावित भू-स्वामियों का सवाल है कि जब सरकारी जमीन उपलब्ध थी, तो दूसरे रास्तों का तकनीकी परीक्षण क्यों नहीं किया गया। किसानों को परियोजना का स्वीकृत नक्शा, अंतिम अलाइनमेंट और तकनीकी रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है, जिससे किसानों का संदेह और गहरा हो गया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि इस बड़ी परियोजना के रूट मैप और जमीन चयन के आधार को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कवर्धा में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष की गाड़ी से टकराई बाइक, नशे में धुत दो युवक गिरफ्तार

रायपुर। कवर्धा के ट्रांसपोर्ट नगर में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल की गाड़ी के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। कार से बाइक टकराने के बाद नशे में धुत दो युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और हमला करने की कोशिश की। कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद घटना के वक्त विश्वेसर पटेल के साथ कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। विश्वेसर पटेल कवर्धा से अपने गांव रोहरा लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक बाइक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। गाड़ी रुकते ही बाइक सवार दोनों युवक विवाद करने लगे और सड़क से पत्थर उठा लिए। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, दोनों आरोपी गंभीर रूप से शराब के नशे में थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह केवल सड़क पर हुआ विवाद था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी।

रायपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान से टकराई चिड़िया, टला बड़ा हादसा

रायपुर। राजधानी के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर दिल्ली से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। रनवे पर लैंडिंग के समय विमान से एक चिड़िया टकरा गई। पायलट ने समझदारी दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया, जिससे सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से विमान की बारीकी से जांच की गई। इंजीनियरों की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि इंजन या विंग्स में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं आई है। इस पूरी चेकिंग प्रक्रिया के कारण विमान को दोबारा उड़ान भरने में दो घंटे की देरी हुई। रायपुर से वापस दिल्ली जाने वाले यात्रियों को इस वजह से थोड़ा इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि बर्ड हिट की घटनाओं के बाद विमान की पूरी तकनीकी जांच करना अनिवार्य नियम है, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

आचार संहिता उल्लंघन मामले में भूपेश बघेल की याचिका खारिज, 23 जून को होगी अगली सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर अब कोर्ट मेरिट के आधार पर सुनवाई करेगा। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने बघेल की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस चुनावी याचिका को निरस्त करने की मांग की थी। यह याचिका पाटन से भाजपा प्रत्याशी रहे विजय बघेल ने दायर की है। उनका आरोप है कि चुनाव प्रचार का समय खत्म होने के बाद भी भूपेश बघेल ने पाटन क्षेत्र में रोड शो किया और चुनावी नारे लगवाए। विजय बघेल ने इसके पुख्ता वीडियो सबूत होने का भी दावा किया है। पूर्व मुख्यमंत्री के वकीलों ने कोर्ट के सामने 16 बिंदु रखते हुए इस याचिका को आधारहीन बताया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इससे पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया था, जहां से इसे वापस हाईकोर्ट भेजा गया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी।

रविशंकर विश्वविद्यालय के जेम्स एंड ज्वेलरी कोर्स में गड़बड़ी की आशंका, राज्यपाल से शिकायत

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में संचालित जेम्स एंड ज्वेलरी कोर्स को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रायपुर सराफा एसोसिएशन ने इस कोर्स के लिए मिले 50 लाख रुपये के फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया है। व्यापारियों ने इस मामले में राज्यपाल से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में राज्यपाल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सरकार से बड़ी राशि मिलने के बावजूद मौजूदा सत्र में छात्रों के दाखिले न के बराबर हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि राज्यपाल के निर्देश के बाद भी कुलपति की ओर से इस संबंध में कोई साफ जवाब नहीं दिया गया है। एसोसिएशन ने मुख्य रूप से चार कमियां गिनाई हैं, जिनमें कोर्स की समीक्षा बैठक न होना, छात्रों के प्लेसमेंट का कोई रोडमैप न होना और दाखिले बढ़ाने के प्रयास न करना शामिल है। व्यापारियों के अनुसार, प्रशासनिक लापरवाही के कारण युवाओं को रोजगार देने का यह अच्छा जरिया बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।

बलौदाबाजार के धमनी गांव में महिलाओं ने संभाली जंगल की कमान, बना हरित मॉडल

बलौदाबाजार। जिले के पलारी विकासखंड में महानदी के किनारे बसा धमनी गांव पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यहां के ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के भरोसे बैठे रहने के बजाय खुद संगठित होकर अपने जंगल, पानी और वन्यजीवों को बचाने का बीड़ा उठाया है। गांव में पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए एक सामुदायिक निगरानी प्रणाली बनाई गई है, जिसके तहत ग्रामीण बारी-बारी से जंगल की पहरेदारी करते हैं। इस अभियान में स्थानीय महिलाओं और युवाओं की भूमिका सबसे बड़ी है। महिला स्वयं सहायता समूह नियमित रूप से वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान चलाते हैं, जबकि युवा तकनीकी और सामाजिक स्तर पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहां जल संरक्षण के पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरीकों को अपनाया जा रहा है। ग्रामीणों की इस एकजुटता की वजह से क्षेत्र में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी पूरी तरह सुरक्षित हो गए हैं। धमनी गांव का यह जनआंदोलन अब दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

नारायणपुर में धर्मांतरण विवाद को लेकर 20 जून को जिला बंद और चक्काजाम का एलान

नारायणपुर। जिले के भरण्डा गांव में कथित धर्मांतरण के एक मामले को लेकर स्थानीय सर्व समाज में भारी नाराजगी है। पुलिस द्वारा आरोपियों को बिना किसी ठोस कानूनी कार्रवाई के छोड़े जाने के विरोध में सर्व समाज ने 20 जून को नारायणपुर जिला बंद रखने और चक्काजाम करने का एलान किया है। यह विवाद 8 जून को शुरू हुआ था, जब ग्रामीणों ने भरण्डा गांव में ‘प्रेस’ लिखी एक गाड़ी से पहुंचे कुछ लोगों को पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग पिछले कई दिनों से गांव के घरों में जाकर प्रार्थना सभाएं कर रहे थे। ग्रामीणों ने इन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन बाद में पुलिस ने एक महिला समेत तीनों आरोपियों को छोड़ दिया। आरोपियों की रिहाई से नाराज सर्व समाज ने नारायणपुर में एक बड़ी बैठक की, जिसमें कलेक्टोरेट तक महारैली निकालने का निर्णय लिया गया। सामाजिक संगठनों ने स्थानीय थाने में ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

आईआईटी भिलाई और फ्रांस के संस्थान में समझौता, छात्रों को मिलेगी जॉइंट डिग्री

भिलाई। आईआईटी भिलाई के छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई और रिसर्च के नए रास्ते खुल गए हैं। संस्थान ने फ्रांस के प्रसिद्ध ‘आईएमटी नॉर्ड यूरोप’ के साथ एक जॉइंट डिग्री समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अब छात्रों को दोनों संस्थानों से मान्यता प्राप्त डिग्री मिल सकेगी। यह समझौता फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और नए तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना है। इसके तहत दोनों देशों के शिक्षक और छात्र एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर शोध कार्य कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ के इस प्रमुख तकनीकी संस्थान के छात्रों को अब वैश्विक कंपनियों में करियर बनाने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग से राज्य के खनिज, ऊर्जा, स्टील और मैन्युफैक्चरिंग जैसे स्थानीय उद्योगों को भी नए तकनीकी समाधान मिल सकेंगे।

बालोद शिक्षा विभाग ने खरीदीं ‘बार काउंटर कुर्सियां’, कांग्रेस ने कसा तंज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जेएम (GeM) पोर्टल के जरिए की गई एक खरीदी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बालोद जिला शिक्षा कार्यालय ने करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से 160 रिवॉल्विंग कुर्सियां खरीदी हैं, जिन्हें पोर्टल पर ‘बार/पब काउंटर चेयर’ की श्रेणी में दर्ज किया गया है। यह खरीदी हालांकि दिसंबर 2024 के आखिर में की गई थी, लेकिन इसके दस्तावेज अब सामने आए हैं। इन लाल रंग की कुर्सियों में हाइड्रोलिक हाइट एडजस्टमेंट की सुविधा है और इनमें पहिए नहीं हैं। ऊंचे काउंटर के लिए डिजाइन की गई इन कुर्सियों की स्कूलों या शिक्षा कार्यालयों में क्या जरूरत थी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले पर कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी दूर करने के बजाय ऐसी कुर्सियां खरीदी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला है। दूसरी ओर, जानकारों का कहना है कि यह पोर्टल पर तकनीकी श्रेणी के चयन की गलती भी हो सकती है, लेकिन विभाग की सफाई के बाद ही स्थिति साफ होगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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