
Magarlod Assembly Seat Demand: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक को एक स्वतंत्र विधानसभा क्षेत्र घोषित करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. महाव्यापारी संघ मगरलोड-भैसमुंडी के बैनर तले स्थानीय व्यापारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है. संघ का कहना है कि वक्त के साथ किसी भी क्षेत्र का भौगोलिक, राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य बदलता है, इसलिए मगरलोड के सर्वांगीण विकास के लिए इसे एक अलग राजनीतिक पहचान मिलना बेहद जरूरी हो गया है. व्यापारी वर्ग ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील शासन-प्रशासन से की है.
दो अलग-अलग विधानसभाओं में बंटा है मगरलोड ब्लॉक, जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा के कारण पिछड़ने का आरोप
महाव्यापारी संघ ने क्षेत्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रशासनिक रूप से एक होने के बावजूद मगरलोड ब्लॉक के गांव दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बंटे हुए हैं. वर्तमान में इस ब्लॉक के 24 गांव कुरूद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि बाकी के हिस्से सिहावा विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं. इस भौगोलिक विभाजन के कारण दोनों ही विधानसभाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का पूरा ध्यान मगरलोड पर नहीं रहता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस दोहरी राजनीतिक उपेक्षा की वजह से पूरा मगरलोड ब्लॉक विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता जा रहा है.
केंद्र सरकार के नए परिसीमन की कवायद के बीच उठी मांग, शासन और चुनाव आयोग का ध्यान खींचने की कोशिश
व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में इस बात का भी जिक्र किया है कि केंद्र सरकार आगामी समय में नए परिसीमन के जरिए देश के लोकसभा और कुछ राज्यों के विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव करने और सीटें बढ़ाने की कवायद कर रही है. इसी सही मौके को देखते हुए स्थानीय जनता ने अपनी पुरानी मांग को फिर से जीवित किया है. संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, वे अपनी इस मांग को लेकर राज्य शासन, जिला प्रशासन और भारत निर्वाचन आयोग का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं ताकि आगामी परिसीमन की प्रक्रियाओं में मगरलोड को एक स्वतंत्र और एकल सीट के रूप में शामिल किया जा सके.
आर्थिक और व्यापारिक उत्थान के लिए अलग राजनीतिक इकाई जरूरी
इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान महाव्यापारी संघ के अध्यक्ष विश्वजीत साहू, उपाध्यक्ष देवेंद्र साहू, सचिव सुकदेव साहू, कोषाध्यक्ष संतोष साहू और संरक्षक दिनेश अग्रवाल सहित भारी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे. सभी सदस्यों ने एक सुर में कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के रवैये से जनता में गहरी नाराजगी है. मगरलोड ब्लॉक का सामाजिक, व्यापारिक और आर्थिक उत्थान तभी संभव है जब यहां का अपना एक विधायक हो.



