
Magarlod Teacher Bharti Scam: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सालों पुराने मगरलोड शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में नामजद आरोपियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंचे चार और वर्तमान प्रधानपाठकों को तगड़ा झटका लगा है। जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी ने इन चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया है। इस फैसले के बाद से ही घोटाले में शामिल अन्य लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि कुछ ही दिन पहले कोर्ट ने पांच अन्य शिक्षकों की भी ऐसी ही याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
19 साल पुराने भर्ती घोटाले की जांच कर रही SIT, 172 शिक्षाकर्मियों की हुई थी फर्जी भर्ती
यह पूरा विवाद मगरलोड जनपद पंचायत में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। इस भर्ती में बड़े पैमाने पर हेरफेर और फर्जीवाड़ा किए जाने का खुलासा करते हुए ग्राम चंदना निवासी कृष्ण कुमार साहू ने मगरलोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वर्तमान में इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) के हाथों में है। इस घोटाले में केवल फर्जी दस्तावेज लगाने वाले उम्मीदवार ही नहीं बल्कि उस वक्त की चयन समिति और छानबीन समिति के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। लगभग 19 साल पुराने इस मामले में कई आरोपियों की मौत भी हो चुकी है।
मगरलोड शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला: मुख्य विवरण और आरोपियों की सूची
| विवरण श्रेणी | मामले से जुड़े मुख्य तथ्य और आरोपियों के नाम |
| घोटाले का नाम | मगरलोड जनपद पंचायत शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला |
| भर्ती का वर्ष | वर्ष 2007 (लगभग 19 साल पुराना मामला) |
| मुख्य आरोप | शैक्षणिक अंकसूची, खेल प्रमाण पत्र, एनसीसी और अनुभव प्रमाण पत्र में हेरफेर (फर्जी दस्तावेज) |
| जांच एजेंसी | विशेष जांच टीम (एसआईटी – SIT) |
| मूल शिकायतकर्ता | कृष्ण कुमार साहू (निवासी: ग्राम चंदना, मगरलोड) |
| आरोपी प्रधानपाठक (1) | रमशीला ध्रुव — प्राथमिक शाला सरईरुख |
| आरोपी प्रधानपाठक (2) | घनश्याम सिन्हा — प्राथमिक शाला चंदना |
| आरोपी प्रधानपाठक (3) | टीनूबाला साहू — प्राथमिक शाला सोनपैरी |
| आरोपी प्रधानपाठक (4) | लुकेश यादव — प्राथमिक शाला गाड़ाडीह |
| वर्तमान स्थिति | अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सभी चारों आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी। |
जाली खेल और एनसीसी प्रमाण पत्र लगाकर पाई थी नौकरी
जिन चार प्रधानपाठकों की अग्रिम जमानत याचिकाएं कोर्ट ने खारिज की हैं, उनमें प्राथमिक शाला सरईरुख की रमशीला ध्रुव, प्राथमिक शाला चंदना के घनश्याम सिन्हा, प्राथमिक शाला सोनपैरी की टीनूबाला साहू और प्राथमिक शाला गाड़ाडीह के लुकेश यादव शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने साल 2007 की भर्ती के दौरान ज्यादा नंबर पाने के लिए अपनी शैक्षणिक अंकसूचियों, खेल प्रमाण पत्रों, एनसीसी और फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों में भारी हेरफेर की थी। इन्हीं कूटरचित दस्तावेजों के दम पर इन्होंने मेरिट सूची में जगह बनाकर सरकारी नौकरी हथियाई थी। जनपद पंचायत मगरलोड में वर्ष 2007 में हुआ एक बड़ा फर्जीवाड़ा है, जिसमें 172 शिक्षाकर्मियों की अवैध तरीके से भर्ती की गई थी।
मूल शिकायतकर्ता की घोर आपत्ति के बाद कोर्ट का कड़ा फैसला
कोर्ट में जब इन चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई शुरू हुई, तो मूल शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार साहू ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित होकर इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के वकील ने दलील दी कि इन लोगों ने योग्य उम्मीदवारों का हक मारकर फर्जी तरीके से सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया है, इसलिए इन्हें कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए। जिला न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों और एसआईटी के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद चारों की याचिकाएं खारिज कर दीं, जिससे अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।



