
Dhamtari Mayor Ramu Rohra Nagar Nigam Failure VIDEO: धमतरी में मानसून की पहली बारिश से पहले ही नगर निगम की पोल खुल गई है. शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के दावों के बीच खुद महापौर (मेयर) रामू रोहरा ने घुटने टेक दिए हैं. मेयर ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे शहर के नागरिक असंतुष्ट है. उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि इस बार भी बारिश में शहर की बस्तियों और वार्डों में पानी भरना पूरी तरह तय है. लाखों रुपए के बजट और महीनों की तैयारी के बाद मेयर का यह रवैया सीधे तौर पर नगर निगम प्रबंधन की बड़ी विफलता और प्रशासनिक लाचारी को दर्शाता है.

बजट ठिकाने लगाने के बाद भी बदहाल व्यवस्था, रेलवे ट्रैक बिछने को बताया जलभराव की मुख्य वजह
धमतरी नगर निगम हर साल बारिश से निपटने और नालियों की सफाई के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपए खर्च करता है. इसके बावजूद धमतरी मेयर ने इस बार शहर के डूबने के पीछे एक अजीबोगरीब दलील दी है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नया रेलवे ट्रैक बिछने के कारण अब रेलवे स्टेशन से लेकर बठेना बस्ती और सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड का डूबना तय हो गया है. उनके मुताबिक, पहले सिहावा चौक के पास बनी पुलिया से बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था, लेकिन नई रेल लाइन के आने से वह रास्ता बंद हो गया है और अब पानी वार्डों के भीतर ही जमा रहेगा.
समाधान खोजने के बजाय प्रेस में छपवाई चेतावनी, जनता को अपने हाल पर छोड़ने का आरोप
मेयर रामू रोहरा ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्होंने इस खतरे को लेकर पहले ही समाचार माध्यमों से जानकारी सार्वजनिक करा दी थी कि वार्डों में पानी भरा रहेगा. मेयर का यह तर्क जनता के गले नहीं उतर रहा है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या का हल ढूंढने और वैकल्पिक जल निकासी की व्यवस्था करने के बजाय मेयर केवल मीडिया में बयान जारी कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं. प्रशासन अब केवल नहर में किसी तरह पानी डाइवर्ट करने की बात कह रहा है, लेकिन धरातल पर उसकी कोई ठोस कार्ययोजना नजर नहीं आ रही है जिससे लोगों को राहत मिल सके.
हर साल नालियों की सफाई के नाम पर लाखों रुपए फूंकने के बाद भी प्रशासनिक लाचारी साफ दिख रही है। समस्या का वैकल्पिक समाधान ढूंढने के बजाय जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। क्या टैक्स देने वाली जनता को सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का शिकार होना पड़ेगा?



