
Rahul Gandhi Chintamani Maharaj Raipur Airport Meeting: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर से कयासों का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर एयरपोर्ट से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है. रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे के वीआईपी वेटिंग एरिया में सरगुजा से बीजेपी के मौजूदा सांसद चिंतामणि महाराज और राहुल गांधी एक साथ बैठे नजर आए. दोनों नेताओं की इस औचक मुलाकात के बाद राज्य की राजनीतिक फिजां में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग इसके कई मायने निकाल रहे हैं.
एयरपोर्ट पर बढ़ी हलचल
चिंतामणि महाराज का अतीत कांग्रेस से जुड़ा रहा है और वे पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर विधायक भी निर्वाचित हो चुके हैं. विधानसभा चुनाव के वक्त उन्होंने मतभेदों के चलते कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी और हाल ही में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. ऐसे में अपने पुराने दल के सबसे बड़े नेता के साथ एयरपोर्ट पर अकेले बैठकर बातचीत करने की इस तस्वीर ने नई सियासी अटकलों को जन्म दे दिया है.
ट्रेनिंग कैंप में पहुंचे राहुल
दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी 21 जून को एक संक्षिप्त संगठनात्मक दौरे पर छत्तीसगढ़ के अभनपुर पहुंचे थे. वहां कांग्रेस पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए दस दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है. राहुल गांधी इस शिविर की मुख्य बैठक में शामिल हुए और करीब 40 मिनट से अधिक समय तक प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में मंत्रणा की. इस दौरान उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का मंत्र दिया.
वरिष्ठ नेताओं से हुई चर्चा
प्रशिक्षण शिविर की अहम बैठक समाप्त होने के बाद राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के साथ हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से बात की गई है. सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी राय राहुल गांधी के सामने रखी है. पार्टी ने तय किया है कि वे राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चुप नहीं बैठेंगे.
हसदेव मामले पर रणनीति तैयार
सिंहदेव ने आगे बताया कि बैठक में विशेष रूप से तमनार और हसदेव अंचल में चल रहे जमीनी विवादों और स्थानीय पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर ठोस रणनीति तैयार की गई है. कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता बहुत जल्द इन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और वहां के ग्रामीणों और आदिवासियों से सीधे मुलाकात करेंगे. नेताओं की टीम प्रभावित लोगों की मांगों और वास्तविक समस्याओं को समझकर एक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगे आंदोलन किया जाएगा.
बीजेपी ने कसा तीखा तंज
दूसरी तरफ राहुल गांधी के इस दौरे और कांग्रेस के आंतरिक शिविर को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है. बीजेपी के मुख्य प्रवक्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की किसी भी तरह की ट्रेनिंग का छत्तीसगढ़ कांग्रेस पर कोई अनुकूल असर नहीं पड़ने वाला है. पार्टी ने कटाक्ष किया कि राहुल गांधी यहां बिखरी हुई कांग्रेस को एकजुट करने का एक असफल प्रयास करने आए थे, लेकिन आपसी गुटबाजी के चलते ऐसा संभव नहीं है.
कांग्रेस के वजूद पर सवाल
बीजेपी नेताओं ने अपने बयान में दावा किया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी कलह और खींचतान इतनी गहरी हो चुकी है कि इनके नेता कभी एक मत नहीं हो सकते. विपक्षी दल पर हमला जारी रखते हुए बीजेपी ने कहा कि अगले ढाई वर्षों के भीतर राज्य की जनता के बीच कांग्रेस अपनी बची-कुची साख भी पूरी तरह खो देगी. फिलहाल बीजेपी सांसद और राहुल गांधी की एयरपोर्ट वाली मुलाकात पर सत्तारूढ़ दल की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.



