
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद घरेलू बाजार में ईंधन के दाम कम होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका और ईरान द्वारा संघर्षविराम की घोषणा के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं. इस गिरावट से सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव काफी कम हुआ है. हालांकि इस बड़ी राहत के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है और आज भी दाम पुराने स्तर पर ही टिके हुए हैं.
जंग के चरम से करीब आधा रह गया क्रूड ऑयल का भाव
मिडिल ईस्ट में संघर्ष की शुरुआत के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत उछलकर करीब 130 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई थी. अब वैश्विक हालातों में सुधार और सीजफायर के बाद यह बड़ी गिरावट के साथ 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है. कच्चे तेल में इतनी बड़ी कटौती के बाद देश के आम उपभोक्ताओं को यह उम्मीद है कि तेल कंपनियां जल्द ही पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती कर राहत दे सकती हैं. बाजार के जानकारों का भी मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत लंबे समय तक 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती है, तो कंपनियों को खुदरा दाम घटाने ही होंगे.
दिल्ली, मुंबई और रायपुर समेत देश के प्रमुख शहरों में आज इस भाव पर बिक रहा ईंधन
देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. वर्तमान में चारों महानगरों सहित देश के अलग-अलग राज्यों की राजधानियों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं. देश में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल फिलहाल हैदराबाद और भोपाल जैसे शहरों में बिक रहा है.
| शहर | पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) | डीजल (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 108.01 | 99.66 |
| हैदराबाद | 115.73 | 103.82 |
| बेंगलुरु | 110.89 | 98.80 |
| भोपाल | 114.65 | 99.33 |
| रायपुर | 108.06 | 101.32 |
मई के महीने में कंपनियों ने चार बार बढ़ाए थे दाम
ईंधन के दामों के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 के महीने में उपभोक्ताओं को बड़े झटके दिए थे. केवल मई के भीतर ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई थी. सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल के दाम में 3 रुपये और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ था. इसके बाद 19 और 23 मई को भी दरें बढ़ाई गईं. फिर 25 मई को आखिरी बार पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था. हालांकि 25 मई की बढ़ोतरी के बाद से देश भर में ईंधन की कीमतें लगातार स्थिर बनी हुई हैं.
तेल कंपनियों के मुनाफे में सुधार के बाद अब सरकार पर टैक्स कटौती का बनेगा दबाव
कच्चे तेल के सस्ते होने से भारतीय रिफाइनिंग और तेल विपणन कंपनियों का मुनाफा मार्जिन काफी बेहतर हो गया है. आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि जब कंपनियां महंगे क्रूड के समय हुए घाटे की भरपाई पूरी कर लेंगी, तब खुदरा कीमतों में कटौती का दौर शुरू हो सकता है. इसके अलावा आगामी दिनों में राज्यों और केंद्र सरकार पर भी पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट और एक्साइज ड्यूटी को कम करने का राजनीतिक दबाव बढ़ेगा ताकि वैश्विक बाजार की इस गिरावट का सीधा फायदा देश के मध्यम वर्ग और परिवहन क्षेत्र को मिल सके और महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके.



