CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें धमतरी में 52 गांवों का भारी बवाल, रायपुर में 90 हजार अवैध नल होंगे वैध, राखड़ डैम फटने पर CSPGCL पर भारी जुर्माना, स्कूलों में नया क्रेडिट सिस्टम लागू, चेन्नई में बंधक बनीं सरगुजा की 3 युवतियां, बोधघाट परियोजना पर फिर भड़का बस्तर, उदंती-सीतानदी में एआई से बाघों की सुरक्षा, सरगुजा की 4 खदानों के लिए जनसुनवाई, 24 जून को प्रदेशभर में ग्राम सभा और बीजापुर में ट्रैक्टर रैली निकालकर किसानों का प्रदर्शन समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
धमतरी में बुनियादी हकों के लिए सड़क पर उतरे 52 गांवों के आदिवासी
धमतरी जिले में सोमवार को बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर बड़ा जनआक्रोश देखने को मिला। क्षेत्र के आदिवासी अंचलों से आए हजारों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। सुबह से ही शहर के शोभाराम देवांगन चौक पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी, जो धीरे-धीरे एक बड़े प्रदर्शन में बदल गई। हाथ में तख्तियां और बैनर लिए ग्रामीण पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से सड़क, बिजली, पानी और अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। इस बार लोग आर-पार के मूड में हैं और कलेक्टर से सीधे मिलकर ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े हैं। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि ठोस समाधान नहीं मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
रायपुर में अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने की योजना 16 जुलाई से
रायपुर नगर निगम क्षेत्र के निवासियों के लिए एक जरूरी खबर है। निगम प्रशासन ने शहर के करीब 90 हजार अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए एक विशेष योजना को मंजूरी दी है। यह योजना 16 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक कुल 90 दिनों के लिए लागू रहेगी। इससे पहले 1 जुलाई से 15 जुलाई तक पूरे शहर में इसका प्रचार किया जाएगा ताकि सभी को जानकारी मिल सके। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश के अनुसार, निर्धारित समय में आवेदन नहीं करने वाले कनेक्शन काट दिए जाएंगे या उनसे तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपने नल कनेक्शन को यूनिक प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ना अनिवार्य होगा।
नियमितीकरण के लिए तय शुल्क:
- घरेलू कनेक्शन (आधा इंच): 5,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 20,882 रुपये जमा करने होंगे।
- व्यावसायिक कनेक्शन (आधा इंच): 15,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 30,882 रुपये का भुगतान करना होगा।
राखड़ डैम फटने से प्रदूषण फैलाने पर बिजली कंपनी पर 27 लाख का जुर्माना
कोरबा के हसदेव ताप विद्युत गृह (पूर्व) के ऐश डाइक में दरार आने और उससे फैले प्रदूषण के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने लापरवाही बरतने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड पर 27 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह घटना इसी साल मार्च महीने की है, जब डैम से निकला राखड़ का पानी आसपास के खेतों और नदी-नालों में बह गया था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पर्यावरण मंडल की टीम ने 18 मार्च 2026 को वहां का औचक निरीक्षण किया था। जांच में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। दो बार नोटिस जारी होने के बाद भी जब हालात में सुधार नहीं हुआ, तब मंडल ने यह कड़ी कार्रवाई की और कंपनी को ऐश डाइक की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बड़ा बदलाव, कम हाजिरी पर छात्र माने जाएंगे प्राइवेट
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नए सत्र 2026-27 से स्कूल दाखिले और परीक्षा के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए ‘अपार आईडी’ अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना स्कूलों में नियमित दाखिला नहीं मिलेगा। साथ ही अब स्कूल में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी है। अगर हाजिरी इससे कम रहती है, तो छात्र को रेगुलर के बजाय प्राइवेट परीक्षार्थी माना जाएगा। विशेष मामलों में बोर्ड केवल 10 प्रतिशत की छूट दे सकता है। बोर्ड ने परीक्षा की व्यवस्था भी बदल दी है। अब साल में दो बार मुख्य परीक्षाएं होंगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी जून-जुलाई में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, अगर किसी छात्र की पढ़ाई में एक साल का गैप है, तो वह शपथ-पत्र देकर दोबारा रेगुलर छात्र बन सकता है। लेकिन दो साल से अधिक का गैप होने पर सिर्फ प्राइवेट छात्र के रूप में ही परीक्षा देने का मौका मिलेगा। 16 जून से शुरू हुई दाखिले की यह प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक चलेगी।
चेन्नई में बंधक बनीं सरगुजा की तीन युवतियां, वीडियो जारी कर मांगी मदद
सरगुजा संभाग से मानव तस्करी का एक डराने वाला मामला सामने आया है। सीतापुर क्षेत्र की तीन युवतियों को सिलाई सिखाने और अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर चेन्नई ले जाया गया था। जशपुर में तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद उन्हें तमिलनाडु के कांचीपुरम भेजा गया। अब युवतियों ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि उन्हें वहां बंधक बनाकर रखा गया है और घर लौटने नहीं दिया जा रहा है। पीड़ितों के अनुसार, उनके घर लौटने के बदले में 10-10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। उन्हें लाने वाले लोग अब उनके फोन भी नहीं उठा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो ने जिला प्रशासन और पुलिस को मामले की जानकारी दी है। पुलिस अब चेन्नई में लड़कियों की लोकेशन का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुट गई है।
बोधघाट परियोजना के विरोध में फिर एकजुट हुए बस्तर के 56 गांव
दंतेवाड़ा के हितालकुदुम गांव में आयोजित एक बड़ी महापंचायत में 18 पंचायतों के 56 गांवों के हजारों आदिवासी बोधघाट जलविद्युत परियोजना के खिलाफ इकट्ठा हुए। ग्रामीणों का कहना है कि इस बांध के बनने से उनके पुरखों की जमीन, जंगल, पहाड़ और कई धार्मिक स्थल पानी में डूब जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को खत्म नहीं होने देंगे। इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। महापंचायत में कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी समेत कई पूर्व विधायक और स्थानीय नेता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि बस्तर के लोग पिछले 47 सालों से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं, इसलिए जनता की मर्जी के बिना इसे थोपना गलत है। वहीं सरकार का मानना है कि इस योजना से सिंचाई और बिजली उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन स्थानीय लोग विस्थापन के डर से इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघों को बचाने के लिए एआई और ड्रोन की मदद
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन कैमरों और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए जंगल की निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही स्थानीय भुंजिया और कमार जनजाति के युवाओं को ट्रैकर के रूप में तैनात किया गया है जो रोजाना पैदल गश्त कर रहे हैं। इस आधुनिक सिस्टम की मदद से पिछले तीन सालों में करीब 850 हेक्टेयर क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाया गया है और पानी के स्रोतों को सुधारा गया है। एआई कैमरों से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे इंसानों और जानवरों के बीच का टकराव कम हुआ है। हाल ही में इस इलाके में एक नई बाघिन भी देखी गई है, जिससे अधिकारियों को उम्मीद है कि रिजर्व का माहौल एक बार फिर बाघों के अनुकूल हो रहा है।
सरगुजा की 4 बॉक्साइट खदानों के लिए जून और जुलाई में होगी जनसुनवाई
छत्तीसगढ़ में खनन को लेकर एक नई प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार सरगुजा जिले की चार बॉक्साइट खदानों को पर्यावरण मंजूरी दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया है और प्रभावित इलाकों में जनसुनवाई की तारीखें तय कर दी गई हैं। ये खदानें नर्मदापुर-कुनिया, पथरई-लुरेना, कमलेश्वरपुर और सरभंजा क्षेत्रों में स्थित हैं, जो कुल मिलाकर करीब 575 हेक्टेयर इलाके में फैली हैं। पर्यावरण मंजूरी के लिए 23 जून से 2 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों पर जनसुनवाई होगी। इसमें स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों के सुझाव और आपत्तियां सुनी जाएंगी, जिसके आधार पर ही आगे खनन की मंजूरी तय होगी।
छत्तीसगढ़ में 24 जून को होगी ग्राम सभा, तय होगी प्रधानमंत्री आवास की सूची
छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर होने वाली इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ‘आवास प्लस 2.0’ योजना के तहत गरीबों को घर दिलाना है। बैठक में गांव के लोगों के सामने ही स्थायी प्रतीक्षा सूची पढ़ी जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। ग्राम सभा के दौरान ग्रामीण अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। मौके पर ही इनका निपटारा करके अंतिम सूची तैयार की जाएगी और उसे सरकारी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में पंचायत के पुराने कामों की समीक्षा, आय-व्यय का लेखा-जोखा और ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी साझा की जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि गांवों के विकास के फैसले खुद ग्रामीण मिलकर लें।
बीजापुर में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत, ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे किसान
बीजापुर जिले में इन दिनों डीजल और पेट्रोल की भारी कमी के कारण खेती-किसानी के काम ठप होने की नौबत आ गई है। इस समस्या से नाराज होकर सोमवार को स्थानीय किसानों ने विधायक विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में नैमेड से जिला मुख्यालय तक ट्रैक्टर रैली निकाली। इसके बाद मिनीग्राउंड में एक सभा कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई गई। किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर उनके साथ खराब व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें ईंधन नहीं दिया जा रहा। दूसरी तरफ, स्थानीय व्यापारी डिब्बों में भरकर ईंधन ले जा रहे हैं और उसे गांवों में महंगे दामों पर ब्लैक में बेच रहे हैं। विधायक ने चेतावनी दी है कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और अगर किसानों को खेती के लिए तुरंत डीजल-पेट्रोल नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।



