CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें बारनावापारा अभयारण्य बंद और नया पर्यटन सर्किट, साय-डेका मुलाकात, इंद्रावती में बाघ खाल तस्करी, जल जीवन मिशन ठेकेदारों का प्रदर्शन, भिलाई कमिश्नर विवाद में हाई कोर्ट का फैसला, रायपुर थाने में ई-मालखाना, पुलिस बल में भारी कमी, अपोलो अस्पताल क्लीन चिट विवाद, राम मंदिर चंदे की पीएमओ में शिकायत और विधायक देवेंद्र यादव की याचिका खारिज समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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31 अक्टूबर तक बंद रहेगा बारनावापारा अभयारण्य, नया पर्यटन सर्किट शुरू

छत्तीसगढ़ के रायपुर से वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए बारनावापारा वन्यजीव अभयारण्य को 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए हर साल इस अवधि में ऐसा किया जाता है। हालांकि, पर्यटकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। बलौदाबाजार वनमंडल ने इस दौरान पर्यटकों के लिए एक नया विकल्प तैयार किया है, जिसे “बारनावापारा–सिरपुर पर्यटन सर्किट: द सेक्रेड गारलैंड” नाम दिया गया है। इस नए सर्किट में सिरपुर, धसकुंड जलप्रपात, तुरतुरिया ईको कल्चरल सेंटर, गिरौदपुरी धाम और कोडार जलाशय जैसे कई खूबसूरत स्थल शामिल हैं। बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका हरियाली से भर जाता है, जिससे इसकी सुंदरता दोगुनी हो जाती है। वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि अभयारण्य का मुख्य हिस्सा बंद होने के बाद भी लोग बफर क्षेत्र के इन प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों का आनंद ले सकेंगे। इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल रमेन डेका से की मुलाकात, मानसून सत्र पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार 6 जुलाई को राज्यपाल रमेन डेका से राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत में कैबिनेट के दो दिवसीय चिंतन शिविर, आगामी विधानसभा सत्र और राज्य में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) कानून जैसे विषय शामिल रहे। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी। इस दौरान प्रश्नकाल के साथ शासकीय और वित्तीय कार्यों को पूरा किया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि विपक्ष इस सत्र में कानून व्यवस्था, बिजली-पानी की किल्लत और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र की तैयारियों को लेकर 8 जुलाई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बड़ी बैठक भी होने वाली है।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व से तीसरी बाघ खाल बरामद, दो सरेंडर नक्सली भी तस्करी में शामिल

छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ की खाल और हड्डियों की तस्करी के मामले में जांच टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। संयुक्त टीम ने मामले से जुड़ी तीसरी बाघ की खाल बरामद की है। इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तस्करी के इस गिरोह में महाराष्ट्र के दो आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल थे। वन विभाग के इतिहास में यह पहली बार है जब वन्यजीव अपराध में किसी पूर्व नक्सली का नाम सामने आया है। अधिकारियों का मानना है कि तस्करों ने इन पूर्व नक्सलियों को जंगलों की गहरी जानकारी होने के कारण पैसों का लालच देकर अपने साथ मिलाया था। पूछताछ में पता चला है कि इन बाघों का शिकार बीजापुर जिले के पासेवाड़ा इलाके में हुआ था। हैरानी की बात यह है कि इन बाघों का वन विभाग के रिकॉर्ड में कोई जिक्र ही नहीं था। इस मामले में अब तक महाराष्ट्र पुलिस के दो जवानों और टाइगर रिजर्व के एक चौकीदार सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वनबल प्रमुख अरुण पाण्डेय ने कहा कि अब जंगलों में सुरक्षा और गश्त को और मजबूत किया जाएगा।

भुगतान न होने से नाराज जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का प्रदर्शन, दी विधानसभा घेराव की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों ने बकाया भुगतान को लेकर रायपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के मुख्यालय ‘नीर भवन’ के सामने जमकर प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने अपना काम दो साल पहले ही पूरा कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें करोड़ों रुपयों का भुगतान नहीं किया गया है। ठेकेदार संघ के अनुसार, उनका लगभग दो हजार करोड़ रुपए का भुगतान अटका हुआ है। ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि मिशन के संचालक नए नियम बनाकर भुगतान रोक रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण अब तक तीन ठेकेदार आत्महत्या भी कर चुके हैं। अधिकारियों ने पहले जून के आखिर तक समस्या सुलझाने का भरोसा दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कुछ जगहों पर काम में देरी के आरोप लगाकर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था, जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे विधानसभा का घेराव करेंगे।

भिलाई नगर निगम के पार्षदों को झटका, हाई कोर्ट ने कमिश्नर को हटाने की याचिका खारिज की

भिलाई नगर निगम के पार्षदों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर राजीव पांडे को पद से हटाने की मांग करने वाली पार्षदों की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि नियमों को ताक पर रखकर किए गए फैसले कानूनी रूप से सही नहीं माने जा सकते। दरअसल, भिलाई के 32 पार्षदों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाकर आरोप लगाया था कि कमिश्नर ने वित्तीय गड़बड़ियां की हैं। पार्षदों का कहना था कि उन्होंने निगम के एक विशेष सत्र में बहुमत से कमिश्नर को हटाने का प्रस्ताव पास किया था, इसलिए सरकार को उन्हें हटा देना चाहिए। सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ, उसका एजेंडा सिर्फ बजट पर चर्चा करना था। नोटिस में कमिश्नर को हटाने का कोई जिक्र ही नहीं था, जो नियमों के खिलाफ है। कोर्ट ने सरकार की दलील को सही मानते हुए कहा कि सिर्फ बहुमत होने से नियमों का उल्लंघन सही नहीं ठहराया जा सकता।

रायपुर के गुढ़ियारी थाने में ई-मालखाना शुरू, बारकोड से होगी जब्त सामान की निगरानी

छत्तीसगढ़ पुलिस ने थानों के मालखानों में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक आधुनिक तकनीक की शुरुआत की है। रायपुर के गुढ़ियारी थाने से ‘ई-मालखाना प्रणाली’ को लागू किया गया है। अब पुलिस द्वारा जब्त किए गए गांजा, शराब या अन्य सामानों को एक डिजिटल रिकॉर्ड और बारकोड से जोड़ा जाएगा। इससे यह साफ रहेगा कि कौन सा सामान कब आया और किसकी निगरानी में रखा गया। इस नई व्यवस्था को शुरू करने से पहले थाने में रखे सभी पुराने सामानों की भौतिक जांच की गई। इसके बाद पूरे मालखाने को रैक के हिसाब से व्यवस्थित किया गया। अब हर सामान पर एक बारकोड लगा है, जिससे कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही उसकी पूरी जानकारी और लोकेशन मिल जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने इस नए सिस्टम का मुआयना किया और इसे आपराधिक न्याय प्रणाली में एक बड़ा बदलाव बताया। अगर गुढ़ियारी थाने का यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे राज्य के अन्य थानों में भी लागू किया जाएगा।

आरटीआई में बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ पुलिस में 13 हजार से ज्यादा पद खाली

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में स्टाफ की कमी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य पुलिस में स्वीकृत पदों की तुलना में 13 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की इस भारी कमी के कारण मौजूदा पुलिसकर्मियों पर काम का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर असर पड़ रहा है और उन्हें मिलने वाला साप्ताहिक अवकाश भी बंद हो गया है। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता संजय थुल की अर्जी पर पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई है। आंकड़ों के अनुसार, यह कमी केवल निचले स्तर पर नहीं बल्कि इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल तक हर स्तर पर है। उदाहरण के लिए, सब-इंस्पेक्टर के 469 पद और कांस्टेबल के 5581 पद खाली हैं। बस्तर फाइटर्स और अन्य विशेष बलों में भी हजारों पद रिक्त हैं। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन गति धीमी होने के कारण तत्काल राहत मिलती नहीं दिख रही है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत का मामला, अपोलो अस्पताल को क्लीन चिट मिलने पर बढ़ा विवाद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल को पुलिस द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पंडित राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की मौत से जुड़ा है, जिनका 2005-06 में इस अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था और 18 दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। बाद में पता चला कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर नरेंद्र जॉन केम की डिग्रियां फर्जी थीं। पुलिस ने डॉक्टर को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी। मृतक नेता के बेटे डॉ. प्रदीप शुक्ला ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उनका दावा है कि इस फर्जी डॉक्टर के इलाज से उनके पिता सहित 27 लोगों की जान गई थी। पुलिस का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जानबूझकर फर्जी डॉक्टर रखने की साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है। वहीं, डॉ. प्रदीप का आरोप है कि इतने बड़े अस्पताल ने बिना डिग्रियों की जांच किए सिर्फ बायोडाटा देखकर डॉक्टर को नौकरी पर रख लिया, जो एक गंभीर लापरवाही है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और कोर्ट जाने की बात कही है।

रायपुर राम मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल, आरटीआई कार्यकर्ता ने पीएमओ को पत्र लिखकर मांगी जांच

रायपुर के वीआईपी रोड पर स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ईमेल भेजकर पिछले 10 वर्षों के दौरान मंदिर में आए दान और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि मंदिर के आय और व्यय का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखा जाना चाहिए। कुणाल शुक्ला का कहना है कि रायपुर का राम मंदिर राज्य के सबसे बड़े और प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां त्योहारों के दौरान लाखों का नकद चढ़ावा, सोना और चांदी दान में आता है। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद किसी पर सीधे आरोप लगाना नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि श्रद्धालुओं के पैसे का सही हिसाब सबके सामने आए। अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रही देशव्यापी चर्चा के बीच रायपुर का यह मामला सामने आने से राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ सकती है।

भिलाई नगर विधानसभा चुनाव विवाद, विधायक देवेंद्र यादव की याचिका हाई कोर्ट से खारिज

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़े भिलाई नगर सीट के विवाद पर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की उस प्रारंभिक याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दायर चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करने की मांग की थी। अब इस मामले की अदालत में नियमित और विस्तृत सुनवाई की जाएगी। यह पूरा मामला पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने चुनाव नतीजों के बाद देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी थी। आरोप लगाया गया है कि देवेंद्र यादव ने चुनाव नामांकन के समय अपने शपथ पत्र में कुछ आपराधिक मामलों और संपत्ति से जुड़ी जरूरी जानकारियां छुपाई थीं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। हाई कोर्ट अब दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच करके इस पर अंतिम फैसला सुनाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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