
Bill Settlement Scheme: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना’ का फायदा उठाने की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। अब पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक अपने पुराने बकाया बिलों का निपटारा कर सकते हैं और सरकार की ओर से मिलने वाली विशेष छूट का लाभ उठा सकते हैं। पहले इस योजना की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने इस संबंध में नया आदेश जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पावर कंपनी ने जारी किया संशोधित आदेश
मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, योजना की अवधि बढ़ने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो किसी कारणवश अब तक अपना बकाया जमा नहीं कर पाए थे। बिजली कंपनी ने प्रदेश के सभी पात्र घरेलू, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और किसान उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र के नजदीकी बिजली दफ्तर में जाकर संपर्क करना होगा ताकि उनके लंबित बिलों का निपटारा तय नियमों के तहत किया जा सके।
कोरोना काल के संकट से जूझ रहे परिवारों को मिल रहा सीधा लाभ
इस विशेष योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना था, जिनकी आर्थिक स्थिति कोरोना महामारी के दौरान खराब हो गई थी और वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर सके थे। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के लगभग 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर बड़ी राहत पहुंचाई जा चुकी है। इन सभी उपभोक्ताओं के खातों में करीब 757 करोड़ रुपये की बकाया राशि की छूट दी गई है।
आखिरी तारीख के बाद नहीं मिलेगा मौका, विभाग ने किया सचेत
बिजली कंपनी ने साफ कर दिया है कि 30 सितंबर 2026 के बाद इस योजना के तहत कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और न ही किसी प्रकार की छूट दी जाएगी। इसलिए जिन भी उपभोक्ताओं के बिल लंबे समय से रुके हुए हैं, वे समय रहते अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में आवेदन फॉर्म जमा कर दें। सरकार का मानना है कि इस अवधि विस्तार से बचे हुए उपभोक्ता भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे और विभाग के पास लंबित पड़े मामलों की संख्या में भी तेजी से कमी आएगी।
तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, 3 हजार की जगह आया 3 लाख का बिल
एक तरफ जहां सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की एक तकनीकी लापरवाही ने हजारों लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मई के महीने में जिन आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल सामान्य तौर पर औसतन तीन हजार रुपये के आस-पास आया था, उन्हें जून महीने में अचानक तीन लाख रुपये से भी ज्यादा का बिल थमा दिया गया। मोबाइल फोन पर लाखों रुपये के बिल का मैसेज आते ही उपभोक्ताओं के होश उड़ गए।
शिकायतों का अंबार, सुधार के लिए बिजली दफ्तरों में उमड़ी भीड़
इतनी बड़ी राशि का बिल देखकर लोग घबरा गए और सुबह से ही बिजली कंपनी के दफ्तरों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। रायपुर सहित राज्य के कई इलाकों से इस तरह की गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर की रीड़िंग और सॉफ्टवेयर की खराबी की वजह से यह भारी-भरकम बिल जारी हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि इस तकनीकी खराबी को जल्द ही सुधार लिया जाएगा और किसी को भी गलत बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।



